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Friday, April 27, 2018
Himachal

शिमला में एनजीटी के फैसले का विरोध

November 27, 2017 06:57 AM

शिमला - राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) द्वारा राजधानी शिमला में कोर और ग्रीन एरिया में निर्माण पर लगाए गए प्रतिबंध के खिलाफ प्रभावित लोगों खासकर वामपंथी संगठनों ने झंडा बुलंद करना आरंभ कर दिया है। माकपा से जुड़ी शिमला नागरिक सभा ने इस फैसले से उत्पन्न स्थिति को लेकर आज शिमला में एक अधिवेशन का आयोजन किया जिसमें शहर के विभिन्न सामाजिक संगठनों, नगर निगम के प्रतिनिधियों और अन्य संगठनों के लोगों ने हिस्सा लिया तथा इस निर्णय के खिलाफ आवाज बुलंद कर सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने का निर्णय लिया। बैठक में ये भी निर्णय लिया गया कि एनजीटी के इस फैसले के खिलाफ 2 दिसंबर को शिमला में प्रभावित लोगों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि तय करेंगे।

शिमला नागरिक सभा अध्यक्ष विजेन्द्र मेहरा ने कहा कि एनजीटी का आदेश जनविरोधी है व इससे शहर की गरीब जनता,मध्यम वर्ग,कर्मचारियों व आम जनता को भारी नुकसान होगा।

इस निर्णय से न केवल भविष्य में मकान बनाने वालों को भारी दिक्कत होगी अपितु पहले से बने मकानों को रेगुलर करने के लिए  आम जनता को भारी परेशानियां झेलनी पड़ेंगी। आगामी 3 महीनों तक भवनों के निर्माण पर रोक से जनता को भारी परेशानी होगी। केवल ढाई मंजिल का भवन बनाने की इजाज़त से जनता को भारी नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि एनजीटी का निर्णय नगर निगम,अन्य विभागों व प्रदेश सरकार जैसी लोकतांत्रिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर भी सीधा हस्तक्षेप है।

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