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Wednesday, December 13, 2017
Punjab

राहुल भी पार नहीं लगा पाएंगे कांग्रेस की नैया - मजीठिया

December 05, 2017 06:53 AM

लुधियाना - शिरोमणि अकाली दल के सीनियर नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने राहुल गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर नामांकन भरने पर कांग्रेस के ही एक नेता पूनेवाला द्वारा परिवारवाद को बढ़ावा देने के आरोपों पर चुप्पी साध ली. उन्होंने कहा जो लोग विरोध कर रहे है, उन्हें ही जाकर पूछो. मजीठिया आज यहां नई कचहरी कोर्ट कांप्लैक्स में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे. वह आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह पर किए हुए मानहानी के केस में अदालत पहुंचे थे.

मजीठिया ने कोर्ट से बाहर आते ही कहा, भाग संजय भाग, भाग केजरीवाल भाग, लेकिन इनके द्वारा लगाए गए झूठे व बेबुनियाद आरोपों के चलते आखिर उन्हें अदालत का सामना करना ही होगा. मजीठिया ने कांग्रेस व आप पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि दोनों ही दल के नेता किस प्रकार से मिले हुए है, इसका खुलासा इन्हीं बातों से हो जाता है कि आप के सीनियर स्पोक्सपर्सन के केसों में कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता मनीष तिवारी वकील के तौर पर पेश हो रहे है जबकि इससे पहले भी राष्ट्रपति चुनाव व सुखपाल खैहरा मामले में इनकी मैच फिक्सिंग सामने आ चुकी है.

मानवाधिकार अधिवक्ता नवकिरण सिंह को भी आप का मुखौटा करार देते हुए मजीठिया ने कहा कि बेअदबी केस में नवकिरण ही खैतान की तरफ से वकील थे . वह वही बोलते है जो खैहरा कहता है. मजीठिया ने जस्टिस नारंग सहित ऐसे आयोगों को कांग्रेस को खुश करने वाला बताते हुए कहा कि यह केवल बदलाखौरी की भावना को बढ़ावा दे रहे है. सुखपाल खैहरा के विधानसभा में सीएम अमरेंद्र के बारे में अभद्र टिप्पणियां करने बारे मजीठिया ने कहा कि पहले तो सुखपाल खैहरा कैप्टन का गुणगान करता था, अब पता नहीं ऐसा क्या हुआ कि वह इस प्रकार की भाषा बोलने लगा.

सिमरजीत सिंह बैंस की आडियो क्लीप के बारे में कहा कि यह मामला अदालत से संबंधित है. उल्लेखनीय है कि शिरोमणि अकाली दल (बादल) में किसी समय परिवारवाद एक बड़ा मुद्दा हुआ करता था लेकिन अब अकाली दल की नई टीम में दिग्गजों के बेटों व रिश्तेदारों ने ही कमान संभाल ली है, इसलिए अकाली दल के लिए यह मुद्दा खत्म हो गया है. इस मौके पर मजीठिया ने राहुल गांधी को मुबारकबाद देते हुए तंज कसा है कि राहुल भी कांग्रेस की नैया पार नहीं लगा सकेंगे. जहां भी अब तक राहुल गांधी गए हैं, वहां कांग्रेस की बुरी तरह हार ही हुई है. पहले वह उपाध्यक्ष थे, अब वो अध्यक्ष बन जाएंगे. इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा.

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