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Wednesday, December 13, 2017
Chandigarh

पीजीआई में नर्सिंग स्टाफ की भारी कमी, विभाग में करीब 350 सीटें खाली

December 07, 2017 06:38 AM

चंडीगढ़ (विजय राणा) - पी.जी.आई. में नर्सिंग स्टाफ की कमी मौजूद कर्मियों से  ही पूरी की जा रही है। 2 महीने पहले पी.जी.आई. से बड़ी संख्या में नर्सिंग स्टाफ ने रिजाइन दिया था। सूत्रों की माने तो इस वक्त विभाग 350 के करीब पोस्ट खाली पड़ी है इसके बावजूद इन पदों पर भर्ती नहीं की जा रही है। पी.जी.आई. नर्सिंग स्टाफ के लिए 2600 पोस्ट रखी गई हैं। संस्थान में इस वक्त 2200 के करीब ही स्टाफ काम रहा है। मरीजों की तादाद जहां हजारों में है वहीं नर्सिंग स्टाफ जरूरत से आधा भी नहीं है।

पी.जी.आई. नर्सिंग कर्मचारियों के मुताबिक स्टाफ की कमी तो अस्पताल लंबे अर्से से झेल रहा है। हाल ही में बड़ी संख्या में नर्सिंग स्टाफ ने रिजाइन दिया था जिसके बाद स्टाफ की काफी कमी महसूस की जा रही है । पी.जी.आई. प्रशासन स्टाफ की भर्ती की बजाय मौजूदा स्टाफ पर काम का अतिरिक्त बोझ डाले हुए है जिसका असर पेशेंट केयर पर पड़ रहा है। रेस्ट लेस की वजह से नर्सिंग स्टाफ तनाव में है क्योंकि कई माह से उन्हें वीकली ऑफ भी नहीं मिल रहा।

ड्यूज हो रहे हैं वीकली ऑफ

हर कर्मी को एक महीने में 9 वीकली ऑफ मिलते हैं लेकिन स्टाफ न होने के कारण सभी कर्मियों को कोई छुट्टी नहीं मिल रही है। स्टाफ की माने तो छुट्टियां तो दूर की बात है उन्हें हर हफ्ते मिलने वाला एक ऑफ तक नहीं मिल पा रहा है। जब भी कोई कर्मी ऑफ के लिए जाता है तो उसे कहकर मना कर दिया जाता है कि अभी स्टाफ कम हो तो लिहाजा उन्हें कोई छुट्टी नहीं मिलेगी। कर्मियों के मुताबिक उनके सभी वीकली ऑफ को ड्यूज किया जाने की बात कही जा रही है कि जब स्टाफ आ जाएगा तो उन्हें अडजस्ट किया जाएगा। पी.जी.आई. में नर्सिंग स्टाफ पिछले कई वर्षो से नए स्टाफ की नियुक्ति की मांग कर रहा है ताकि मौजूदा स्टाफ पर काम का बोझ कम हो सके। इसके बावजूद नए स्टाफ की भर्ती नहीं की जा रही है। मरीजों की तादाद पी.जी.आई. में हमेशा ही बड़ी संख्या में रहती है ऐसे में स्टाफ की शॉर्टेज होने से कर्मियों से तय वक्त से ज्यादा काम लिया जा रहा है।

नहीं आना चाहता नया स्टाफ

पी.जी.आई. में नर्सिंग स्टाफ कम होने का कारण यहां के वर्किंग आवर्स भी एक मुख्य वजह है। स्टाफ की माने तो पूरे देश में नर्सिंग के लिए जो काम करने का समय तय किया गया है। वह यहां अप्लाई नहीं किया जाता है जिसकी वजह से कोई नया स्टाफ यहां नियुक्ति नहीं करना चाहता। पिछले वर्ष पी.जी.आई. ने 72 पदों पर भर्ती करनी थी जिसमें अब तक सिर्फ 22पद भरे गए हैं। पी.जी.आई. प्रशासन ने स्टा्र की कमी को पूरा करने के लिए हैल्थ मिनिस्ट्री को 1125 कर्मियों की भर्ती के लिए प्रोपोजल भेजा हुआ है जिसे लेकर भी कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है।

डी.सी. के आदेशों के बावजूद नहीं मिल रही ट्रांसपोर्ट सुविधा

वर्ष 2015 में पी.जी.आई. प्रशासन ने नर्सिग विभाग को आश्वासन दिया था कि सभी कर्मियों की सेफ्टी के लिए व उनके ट्रांसपोर्ट के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए जाएंगे। इसके बावजूद आज तक इस ओर कोई कदम नहीं उठाया गया है। एक महीने पहले डी.सी. के सामने भी उद्दा उठाया गया था जिस पर पी.जी.आई. प्रशासन ने कहा था कि देर रात को जाने वाले फीमेल स्टाफ के लिए ट्रांसपोर्ट की सुविधा दी जाएगी लेकिन कर्मियों की माने तो वह अब तक शुरू नहीं हो पाया है।

नर्सिंग विभाग में एक ही स्टाफ के लिए दो अलग-अलग शिफ्ट चलाई जा रही है। वर्ष 2014 तक सभी कर्मचारियों के लिए  एक ही फिफ्ट थी जिसमें पहली शिफ्ट सुबह 8 बजे से दोपहर2 बजे तक दूसरी शिफ्ट दोपहर 2 बजे से रात 8 बजे तक जबकि तीसरी शिफ्ट रात 8 बजे से सुबह 8 बजे तक होती थी। लेकिन अस्पताल प्रशासन ने नया एक्सपेरीमेंट करते हुए वर्ष2015 में शिफ्ट को सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे कर दिया वहीं दूसरी शिफ्ट दोपहर 2 बजे से रात के 9 बजे तक जबकि तीसरी शिफ्ट रात 9 बजे से सुबह 7 बजे तक कर दी। इसके साथ ही नया नियम सिर्फ नए स्टाफ पर लागू करने की बात भी कही गई। स्टाफ की माने तो वर्ष 2014 से पहले की ज्वाइंनिग करने वाले को पुरानी शिफ्ट में ड्यूटी करने के आदेश हैं जबकि नई भर्ती को नए नियमों के साथ आने को कहा जाता है।

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