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Wednesday, December 13, 2017
Chandigarh

पीजीआई में बनेगा देश का पहला चाइल्ड कैंसर सुपर स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल

December 07, 2017 06:40 AM

चंडीगढ़ (विजय राणा) - चंडीगढ़ में जल्द ही देश का पहला चाइल्ड कैंसर सुपर स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल का निर्माण कार्य शुरु हो जाएगा। ये  देश का पहला चाइल्ड कैंसर सुपर स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल होगा।  चंडीगढ़ प्रशासन इस हॉस्पिटल के लिए जमीन का बंदोबस्त करने में जुट गया है।  इसके साथ-साथ आगामी बजट में भी इसके लिए प्रावधान करने को कहा गया है।  देश में अभी तक बच्चों के लिए कैंसर का कोई स्पेशलाइज्ड अस्पताल नहीं है। चंडीगढ़ में बच्चों का कैंसर हॉस्पिटल बनने से यह रीजन कैंसर के इलाज के लिए प्रमुख सेंटर बन जाएगा। पीजीआई चंडीगढ़ में रेडियोथैरेपी डिपार्टमेंट ने 1971 से इंडिपेंडेंट रूप से काम करना शुरू किया था। वर्ष 2005 में इसे नेशनल कैंसर कंट्रोल प्रोग्राम के तहत नेशनल रीजनल कैंसर सेंटर के रूप में डेवलप किया गया।

मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ से ली जाएगी ग्रांट

इस अस्पताल के लिए मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ से भी ग्रांट ली जाएगी। यह सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल न केवल देश बल्कि इंटरनेशनल लेवल की जरूरतें भी पूरी करेगा। जानकारी के अनुसार एम्स दिल्ली में एक साल में 520 इंटरनेशनल पेशेंट इलाज के लिए आते हैं। इनमें से 35 परसेंट मरीज कैंसर के ट्रीटमेंट के लिए आते हैं। चंडीगढ़ में बनने वाले अस्पताल में भी यह सुविधा मौजूद होगी।

रेडियोथैरेपी विभाग में हर साल आते हैं 5 हजार से ज्यादा मरीज

पीजीआई में हर साल रेडियोथैरेपी डिपार्टमेंट में 5 हजार से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। साल दर साल कैंसर के मरीजों की संख्या पीजीआई में बढ़ती जा रही है। इसके अतिरिक्त दो हजार से अधिक इंडोर पेशेंट के केस आ रहे हैं। पीजीआई में आने वाले कैंसर पेशेंट में बच्चों से जुड़े केस भी पहुंच रहे हैं। बच्चों के लिए अलग से कैंसरअस्पताल बनने से न केवल उनकी बेहतर देखभाल हो सकेगी बल्कि इलाज में होने वाली देरी से भी बचा जा सकेगा।

न्यू चंडीगढ़ में बन रहा टाटा मेमोरियल कैंसर अस्पताल

दुसरी तरफ न्यू चंडीगढ़ स्थित मुल्लांपुर में कैंसर के इलाज के लिए टाटा की ओर से एक नया अस्पताल बनाया जा रहा है।  पहले चरण में 100 बेड का हास्पिटल का निर्माण किया जाएगा। दूसरे चरण में बेड की संख्या बढ़ाई जा सकेगी। पंजाब सरकार की ओर से सेंटर को करीब 50 एकड़ की जमीन भी दी गई है। इस अस्पताल के बनने से पंजाब हरियाणा हिमाचल, और जम्मू कश्मीर के मरीजों को फायदा मिलेगा। इस अस्पताल के बनने से एक तरफ जहां पीजीआई आने वाले मरीजों का बोझ कम वहीं मरीजों को निजी अस्पतालों के तुलना में सस्ता इलाज भी उपलब्ध हो सकेगा।

अस्पताल में होगी एडवांस टेक्नोलॉजी

इस  कैंसर अस्पताल में एडवांस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होगा। इस सेंटर में मॉडर्न रेडियोथैरेपी, कीमो थैरेपी व सर्जिकल एनक्लोलॉजी ट्रीटमेंट उपलब्ध रहेगा। वहीं यहां कैंसर की रोकथाम के लिए भी सभी सुविधाएं मौजूद रहेंगी। इस अस्पतास

पीजीआई में शुरु हुआ लीवर कैंसर का नया ट्रीटमेंट

पीजीआइ ने हाल ही में लीवर कैंसर के नये ट्रीटमेंट की प्रक्रिया शुरू की है। संस्थान के हेपोटोलॉजी और न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग के साथ मिलकर इसको शुरू किया है। इसका नाम ट्रांसर्टिरियल रेडियो इंबोलिजेशन (टेर) विद याट्रियम 90 है। लीवर कैंसर के जो मरीज सर्जरी के लिए फिट नही हैं, उनके लिए यह तकनीक कारगर है। इस तकनीक में एक यंत्र के थेटर ब्लड वेसेल्स में रखा जाता है। लीवर में ट्यूमर होने पर उपरोक्त थैरेपी कारगर है। यह प्राय: लीवर को सिकुड़ने से रोकता है। यह रेडियोथेरेपी सीधे तौर पर ब्लड वेसल्स को रेडिएशन भेजती है।

उत्तर भारत में बीमारी के मरीजों के लिए यह पूरी तरह से नई तकनीक होगी। फिलहाल तक तो यह तकनीक टाटा मेमोरियल अस्पताल मुंबई और गुड़गांव के मेदांता हॉस्पिटल में है। पीजीआई अकेला सरकारी संस्थान है जिसने यह इलाज शुरू किया है।

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