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Monday, August 20, 2018
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नीतिगत दरों में कटौती न होने से उद्योग जगत निराश

December 07, 2017 06:49 AM

नई दिल्ली - उद्योग जगत ने आज भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा नीतिगत दरों के मोर्चे पर यथास्थिति कायम रखने पर निराशा जताई। केंद्रीय बैंक ने कहा कि घरेलू मांग को फिर खड़ा करने की जरूरत है और साथ ही निवेश को भी पूंजी की कम लागत के जरिये प्रोत्साहित करने की जरूरत है।

भारतीय उद्योग परिसंघ सीआईआई के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा, हमें उम्मीद है कि आगे चलकर रिजर्व बैंक अपने तटस्थ रुख को नरम करते हुए ब्याज दरों में कटौती करेगा जिससे घरेलू मांग बढ़ेगी। इससे व्यापक आधार पर निवेश गतिविधियां बढ़ेंगी, जो अभी तक इतनी तेजी से आगे नहीं बढ़ पाई हैं।

उन्होंने कहा कि ब्याज दरों में कटौती से यह संकेत जाता कि राजकोषीय और मौद्रिक नीतियां वृद्धि को प्रोत्साहन के लिए साथ-साथ काम कर रही हैं। उद्योग मंडल एसोचैम के अध्यक्ष संदीप जाजोदिया ने कहा कि मौद्रिक नीति समिति ने मुद्रास्फीति को ध्यान में रखा है। साथ ही उन्होंने कहा कि देश में इस समय वृद्धि की चिंताओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता क्योंकि यहां पूंजी की लागत अभी भी काफी ऊंची है।

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