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Saturday, November 17, 2018
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ठंड के मौसम में अपने शिशु की करें इन तेल से मालिश

December 16, 2017 08:47 AM

न केवल ठंड के मौसम में बल्कि और दिनों में भी शिशु के मालिश का खास ख्याल रखना चाहिए। क्योंकि, जिस तरीके से शिशु के लिए स्तनपान कराना जरूरी होता है ठीक उसी तरीके से मालिश भी अहम माना जाता है। क्योंकि, इससे शिशु की मांशपेशियों को मजबूती मिलती है। लेकिन, ठंड के दिनों में मालिश करने से शिशु का बॉडी गर्म रहता है। ऐसे में निचे कुछ ऐसे तेल के बारे में बात की जा रही है जिसे ठंड के दिनों में लगाना अच्छा माना जाता है, जो निम्न हैं-

सरसो का तेल

ठंड के दिनों के लिए सबसे अच्छा सरसो का तेल अच्छा माना जाता है। आप चाहें तो इसमें जायफल डालकर हल्का गुनगुना करके लगाएं इससे न केवल शिशु की हड्डियां मजबूत होती है बल्कि उन्हें अंदरूनी तौर पर गर्माहट मिलती है। अक्सर आपने देखा होगा कि सरसो के तेल का प्रयोग गर्मी में नहीं किया जाता है।

बादाम का तेल

और बादाम का तेल भी ठंडे मौसम के लिए अच्छा माना जाता है इससे शिशु को अंदरूनी तौर पर ताकत मिलती है और शिशु एक रंगत में भी निखार आता है। इसलिए आप इस तेल से रात में शिशु की मालिश करें।

नारियल का तेल

इन दिनों ज्यादातर लोग इस तेल को लगाना ज्यादा पसंद करते हैं क्योंकि इससे बॉडी ड्राई नहीं होती है और न ही रूसी की समस्या होती है। इसलिए, ठण्ड में आप इस तेल से शिशु की मालिश करें।

जैतून का तेल

अक्सर आपने देखा होगा कि माँ अपने बच्चे को शुरुआत से ह इस तेल को लगाना पसंद करती हैं क्योंकि इससे रंगत में निखार आता है। साथ ही इसको लगाने से बॉडी ेमन किसी भी तरह का कोई संक्रमण नहीं होता है।

नवजात में मालिश के दौरान इन बातों का विशेषतौर पर ध्यान रखा जाना चाहिए, जो निम्न हैं-

बहुत तेज़ी या जोर लगाकर मालिश करें

जब भी आप शिशु को मालिश कर रही हों तो इस बात का जरूर ध्यान रखें कि उसके शरीर पर अतिरिक्त दवाब न डालें। क्योंकि, इससे शिशु को नुकसान पहुँच सकता है, और साथ ही उसके मांशपेशियों पर अतिरिक्त दवाब पड़ सकता है। ऐसे में, शिशु को हल्के हांथों से मालिश करें।

आँखों में तेल लगाने से बचें

बाजार में मिलने वाले हर्बल तेल की कई सामग्रियाँ गर्म होतीं हैं, जो शिशु के आँखों के संपर्क में आने से उसके आँखों में जलन पैदा हो सकती है। इसलिए ध्यान दें कि तेल बच्चे की आँख में ना जाए।

मालिश के तुरंत बाद नहलाएं

देखा जाए तो शिशु को मालिश के तुरंत बाद न नहलाएं, इसके लिए आप 10 से 15 मिनट के लिए शिशु को खेलने के लिए छोड़ दें। उसके बाद आप शिशु को नहलाएं। इसके आलावा एक और बात का ध्यान रखा जाना चाहिए और वह यह है कि आप शिशु को नहाने के लिए केवल गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें। क्योंकि, इससे शिशु के त्वचा पर तेल नहीं रहता है।

हालाँकि, मालिश शिशु को शांत करने और उसे आरामदायक रखने में काफी मदद करता है। ऐसे में नवाजत को एक दिन में कम से चार से पांच बार मालिश जरूर करनी चाहिए। इससे शिशु की मांशपेशियां मजबूत होंगी।

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