Follow us on
Monday, January 22, 2018
Politics

गुजरात में भाजपा के लिए भाग्यशाली माने जाते हैं रूपाणी

December 27, 2017 07:08 AM

गांधीनगर - गुजरात में लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की कमान संभालने वाले विजय रूपाणी की छवि राजनीतिक हलकों में एक बेहद मिलनसार और मृदुभाषी व्यक्ति की रही है। दो अगस्त 1956 को तत्कालीन बर्मा (अब म्यांमार ) के रंगून (अब यांगून) में जैन परिवार में जन्मे रूपाणी न केवल खुद किस्मत वाले रहे हैं बल्कि अपनी पार्टी भाजपा के लिए भी भाग्यशाली रहे हैं।

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के करीबी रूपाणी को पाटीदार आंदोलन के चरम के दौरान नवंबर/दिसंबर 2015 में स्थानीय निकाय चुनाव में बड़ा झटका खा चुकी गुजरात भाजपा के अध्यक्ष पद पर फरवरी 2016 में बिठाया गया और उसके बाद से राज्य में कई उपचुनावों और अन्य चुनावों में भाजपा की लगातार जीत हुई। पिछले साल अगस्त में पहली बार मुख्यमंत्री बनने के बाद भी वह भाजपा के लिए भाग्यशाली ही रहे।

और कई राजनीतिक प्रेक्षक यह मानते हैं कि इस बार कांग्रेस के जबरदस्त जातीय गठजोड़ और हार्दिक पटेल के खुले विरोध के बावजूद गुजरात में भाजपा की नैया का बच जाना और लगातार छठी बार पार्टी की जीत भी किसी भाग्यशाली चमत्कार से कम नहीं। छात्र जीवन से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुडे रहे रूपाणी आपातकाल के दौरान जेल भी जा चुके हैं।

वर्ष 1987 में अपने राजनीतिक जीवन की शुरूआत करने वाले रूपाणी राजकोट महानगरपालिका के पार्षद चुने गये थे। वह 1996 से 1997 तक राजकोट के मेयर भी रहे। वह 2006 में गुजरात पर्यटन के चेयरमैन थे और उसी साल राज्यसभा के सांसद भी बने। बाद में वह गुजरात नगरपालिका वित्त बोर्ड के अध्यक्ष भी बने। वह कर्नाटक के राज्यपाल बनाये गये वजुभाई वाला के इस्तीफे से रिक्त राजकोट पश्चिम सीट पर अक्टूबर 2014 में हुए उपचुनाव में पहली बार विधायक बने और उसके बाद तत्कालीन आनंदीबेन पटेल सरकार में कैबिनेट मंत्री भी बनाये गये। बाद में वह श्रीमती पटेल के पद छोडऩे पर सात अगस्त 2016 को पहली बार मुख्यमंत्री बने थे।

Have something to say? Post your comment
 
More Politics News
विधायकों को अयोग्य करार देने पर बोले केजरीवाल- भगवान हमारे साथ हैं
विवेकानंद और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती को राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया जाए - ममता बनर्जी
AAP को दिल्ली HC से नहीं मिली राहत, सोमवार को मामले की फिर सुनवाई
नरेंद्र मोदी और सुषमा स्वराज ने डोकलाम पर देश को गुमराह किया - कांग्रेस
डिजिटल युग में आतंकवाद सबसे बड़ी समस्या - सुषमा स्वराज
हज सब्सिडी खत्म करना न्यायालय का निर्णय - आजाद
अगली लड़ाई राजनीतिक पार्टियों के चुनाव चिन्ह के खिलाफ - अन्ना हजारे
आप में कुमार विश्वास अलग-थलग लेकिन पार्टी छोड़ने के इच्छुक नहीं
प्रवर्तन निदेशालय और सीबीआई का कठपुतली की तरह इस्तेमाल - कांग्रेस
जनता के गुस्से का शिकार हुए CM नीतीश, काफिले पर हुआ हमला