Follow us on
Wednesday, January 24, 2018
Chandigarh

जज पेपर लीक मामले में रजिस्ट्रार डॉ. बलविंद्र शर्मा तीन दिन के रिमांड पर

December 30, 2017 08:17 AM

चंडीगढ़ (संदीप खत्री) - हरियाणा सिविल सर्विसेज (ज्यूडीशियल ब्रांच) प्रिलिमिनरी परीक्षा पेपर लीक मामले में चंडीगढ़ पुलिस की एसआईटी ने आरोपी डॉ. बलविंद्र कुमार शर्मा को कोर्ट में पेश कर तीन दिन के रिमांड पर ले लिया है। आरोपी से पूछताछ और उसके घर में सर्च करने के लिए एसआईटी ने कोर्ट से पांच दिन के रिमांड की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने घर में सर्च करने की इजाजत देते हुए तीन दिन का रिमांड दिया। रिमांड हासिल करने के बाद खबर लिखे जाने तक पुलिस आरोपी के घर के लिए रवाना हो चुकी।

रिमांड के दौरान पूरे मामले का पर्दाफाश करने के लिए एसआईटी रजिस्ट्रार से पूछताछ करेगी। टीम ने आरोपी बलविंद्र शर्मा को वीरवार देर रात उसके घर स्थित रोपड़ से गिरफ्तार किया था। रोपड़ के डिस्ट्रक्ट जज से इजाजत लेकर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस तीसरी आरोपी सुशीला को भी जल्द गिरफ्तार कर सकती है। इसके अलावा कई संदिग्ध लोगों के चेहरे भी पुलिस के सामने आने की चर्चा हो रही है।

कुछ संदिग्ध लोगों को पुलिस आरोपी बना सकती है। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने 15 दिसंबर को चंडीगढ़ पुलिस के डीजीपी तेजिंदर सिंह लूथरा को एसआईटी बनाकर आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे। जिसके बाद थाना पुलिस सेक्टर-3 में आरोपी सुनीता, सुशीला और रजिस्ट्रार डॉ. बलविंद्र शर्मा के खिलाफ केस दर्ज किया था। पुलिस आरोपी सुनिता को गिरफ्तार कर चुकी है, जो इस समय जेल में है। इस मामले की जांच एसपी ऑपरेशन रवि कुमार (एसआईटी इंचार्ज), डीएसपी कृष्ण कुमार और इंस्पेक्टर पूनम दिलारी कर रही हैं। बता दें कि जगमार्ग ने आरोपी कि गिरफ्तारी वीरवार देर रात हो सकती है, यह समाचार शुक्रवार को ही प्रकाशित कर दिया था।

सुनीता को प्रोडक्रशन वारंट पर लाने के लिए पुलिस ने कोर्ट में लगाई अर्जी

एसआईटी अदालत में 6 जनवरी को सुनीता के खिलाफ चार्ज शीट दाखिल कर सकती है। टीम ने 08 नवंबर को आरोपी सुनीता को दिल्ली के नजफगढ़ स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया था। रिमांड के दौरान पुलिस ने आरोपी के घर पर सर्च किया था। सूत्रों की माने तो घर से पुलिस के हाथ कुछ सबूत भी लगे। सुनीता अभी जेल में है। सुनीता और बलविंद्र की आमने सामने पूछताछ करने के लिए पुलिस ने प्रोडक्शन वारंट पर लाने के लिए शुक्रवार को कोर्ट में अर्जी लगाई थी, लेकिन कोर्ट ने अर्जी शनिवार के लिए पेंडिंग रख ली।

बलविंदर और सुनीता की कई जगह मिली एक साथ टॉवर लॉकेशन

एसआइटी के हाथ कई अहम सबूत लग चुके हैं। टीम ने जब चंडीगढ़ की मोबाइल फोन की टॉवर लॉकेशन की जांच कि तो डॉ. बलविंदर शर्मा और सुनीता दोनों की एक ही टॉवर लॉकेशन आई। ऐसा कई बार हुआ है। ऐसे में पुलिस अब इस एंगल से भी जांच कर रही है कि यह लोग आपस में कितनी बार मिले हैं। इसके अलावा पुलिस रिमांड के दौरान यह भी जानने का प्रयास करेगी कि चंडीगढ़ के अलावा यह दोनों कहां-कहां और किस स्थान पर मिले और इनके साथ मिलने वाला कोई ओर शख्स था या नहीं ? सूत्रों का कहना है कि दोनों की टॉवर लॉकेशन हरियाणा में भी एक साथ आई है।

रिक्रूटमेंट रजिस्ट्रार और सुनीता के बीच हुई थी 760 बार कॉल और मैसेज

जिसमें सामने आया पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के ही रिक्रूटमेंट रजिस्ट्रार डॉ. बलविंदर शर्मा के मोबाइल फोन से सुनीता के फोन पर लगभग एक साल में 760 बार कॉल और मैसेज हुए हैं। सुनीता और सुशीला ने पेपर में टॉप किया था। बाद में कोर्ट ने परीक्षा ही रद्द कर दी। आरोप के अनुसार रिक्रूटमेंट रजिस्ट्रार डा. बलङ्क्षवद्र कुमार शर्मा ने प्रशन-पत्रों को हैंडल किया । प्रशन पत्र उनके पास थे,जब से पेपर तैयार हुआ था। इसी दौरान पेपर परीक्षा केंद्रों में बांट दिए गए। परीक्षा होने से पहले ही सुशीला और सुनीता के पास यह प्रश्न पत्र पहुुंच गए थे। 44 वर्षीय सुनीता ने जनरल कैटेगरी और 46 साल की सुशीला ने रिजर्व कैटेगरी में टॉप किया था।

Have something to say? Post your comment