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Chandigarh

नए साल पर पाकिस्तान के स्कूलों में भेजे ग्रीटिंग कार्ड

December 30, 2017 09:03 AM

चंडीगढ़ - पड़ोसी देश भारत और पाकिस्तान के बीच शांति को बढ़ावा देने के लिए आगे बढ़ते हुए चंडीगढ़ के चार प्रमुख स्कूलों के 1000 से अधिक छात्र-छात्राएं पाकिस्तान के स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को नए साल पर “भारत-पाक मैत्री ग्रीटिंग कार्ड” भेजने के लिए एक साथ जुड़ गए हैं। नफरत और हिंसा का त्याग कर हमेशा के लिए भाइयों और दोस्तों के रूप में रहने का संदेश देते यह नए साल के ग्रीटिंग कार्ड शुक्रवार को पाकिस्तान के लाहौर और पेशावर में स्थित स्कूलों को भेजे गए।

इस पहल में चंडीगढ़ से भाग लेने वाले स्कूलों में दिल्ली पब्लिक स्कूल, कार्मल कॉन्वेंट स्कूल, सेंट स्टीफंस स्कूल और डीएवी सीनियर सेकेंडरी स्कूल (लाहौर), चंडीगढ़ शामिल हैं। और पाकिस्तान के भागीदार स्कूलों में पेशावर स्थित बचा खान ट्रस्ट एजुकेशनल फाउंडेशन और द सिटी एडगेट स्कूल, लाहौर शामिल हैँ जिनके विद्यार्थी भी इसी तरह से शांति और दोस्ती का संदेश देते कार्ड तैयार कर रहे हैं जिन्हें वे नए साल पर चंडीगढ़ के इन स्कूलों के विद्यार्थियों को भेजेंगे। 

खूबसूरती से तैयार व पेंट किए गए इन कार्ड्स पर लिखे कुछ स्लोगंस में 'क्यों नफरत की कहानी को एक प्रेम कहानी में न बदल दिया जाए', 'गोलियां शांति नहीं ला सकतीं', 'शांति देशभक्ति है', 'युद्ध महंगा है, शांति अमूल्य है', 'बदले की भावना विश्व को अंधा बना सकती है', 'चलो अतीत के सभी उपभेदों को भूल जाते हैं, और शांति के रास्ते पर चलते हैं', 'गोलियां शांति नहीं ला सकतीं, लेकिन दोस्ती ला सकती है', 'हम हमेशा भारत-पाकिस्तान मैत्री के लिए प्रार्थना करते हैं' आदि शामिल हैं।

इस शांति प्रोजेक्ट की योजना भारत के एक एनजीओ युवस्त्ता द्वारा जस्टिस, एड एंड डेवलपमेंट (जेएडी) फाउंडेशन, इस्लामाबाद और पाकिस्तान में लाहौर स्थित एनजीओ अमन पुकार ने मिलकर बनाई है। अपने विचार साझा करते हुए यवस्त्ता के संयोजक प्रमोद शर्मा ने कहा, 'दक्षिण एशिया के दो तनाव ग्रस्त देशों पाकिस्तान और भारत के बीच शांति और सामंजस्य को बढ़ावा देने की आज आवश्यकता बढ़ रही है। इसका सबसे अच्छा तरीका सीमा के दोनों तरफ रहने वाले लोगों के बीच भाईचारे और अपनेपन की भावनाओं का ज्यादा से ज्यादा प्रसार करना है।

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