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Friday, April 27, 2018
Haryana

सरकारी अस्पताल में पैसे नहीं होने पर महिला का नहीं किया इलाज

December 31, 2017 09:28 AM

फतेहाबाद - अब तक बिना पैसों के प्राइवेट अस्पतालों में मरीजों का इलाज नहीं किए जाने के मामले आपने सुने होंगे, लेकिन हरियाणा के फतेहाबाद में सरकारी अस्पताल में पैसे नहीं होने पर एक महिला पेशेंट का इलाज बाधित करने का मामला सामने आया है। फतेहाबाद के सरकारी अस्पताल में इस महिला मरीज की जान की कीमत मात्र 275 रु पए आंकी गई है। अस्पताल में मात्र 275 रु पए की सरकारी फीस जमा नहीं होने पर ड्यूटी डाक्टर और स्टाफ ने मरीज को इमरजैंसी वार्ड के बैड पर पड़े रहने दिया। दरअसल, महिला को घरेलू झगड़े में उसके पति ने छाती में चाकू मार दिया था और उसके बाद महिला को किसी ने अस्पताल पहुंचाया।

इस घटना की कवरेज करने के लिए कुछ पत्नकार जब अस्पताल पहुंचे और महिला का इलाज फीस जमा नहीं होने की जानकारी हुई तो पत्नकारों ने अस्पताल स्टाफ को 275 रु पए की सरकारी फीस जमा करवाई। यह फीस जमा होने के बाद महिला की एमएलआर काटी गई और उसे ड्रिप लगा लगाकर इलाज शुरू किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जब पत्नकारों ने ड्यूटी डाक्टर से पैसे न होने पर महिला का इलाज प्रभावित करने पर प्रतिक्रि या लेने की कोशिश की तो ड्यूटी डाक्टर अपनी जिम्मेदारी से भागते नजर आए। यहां तक कि मीडिया के कैमरे पर ड्यूटी डाक्टर ने कुछ भी बोलने से साफ इंकार तक कर दिया। इसके बाद तुरंत स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों को मामले की जानकारी दी गई तो अधिकारियों ने जांच कर मामले में उचित कार्रवाई की बात कही।

फतेहाबाद के सिविल अस्पताल में हुए इस पूरे वाकया की बात की जाए तो संतोष नाम की एक महिला के मुताबिक उसके पति ने उसे शराब के नशे में झगड़ा करते हुए छाती में चाकू मार दिया था। जानकारी के मुताबिक महिला को भट्टू इलाके की रहने वाली थी और उसे पहले भट्टू के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर ले जाया गया, लेकिन यहां से महिला को फतेहाबाद के सिविल अस्पताल में भेज दिया गया। सिविल अस्पताल में जब महिला पहुंची तो यहां पर तैनात ड्यूटी डॉक्टर कुलदीप ने अस्पताल की सरकारी फीस जमा करवाने के लिए कहा। बाद में स्टाफ की ओर से डॉक्टर को जानकारी दी गई कि महिला के साथ उसका कोई परिजन मौजूद नहीं है और महिला के पास पैसे नहीं है। इस पर डॉक्टर ने महिला को इमरजैंसी वार्ड के बैड पर भेज दिया और उसकी कोई सुध नहीं ली।

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