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Wednesday, April 25, 2018
Chandigarh

साल 2018 का आखिरी ऑर्गन ट्रांसप्लांट, 4 लोगों को मिली नई जिंदगी

January 01, 2018 07:07 AM

चंडीगढ़ - ब्रेन डैड मरीजों के ऑर्गन ट्रांसप्लांट करने में पीजीआई. देश के चुनिंदा अस्पतालों में से एक है। 31 दिसंबर वर्ष 2017 के आखिरी दिन संस्थान ने अपना 44 वां ऑर्गन ट्रांसप्लांट करने में सफलता हासिल की। किसी भी गवर्नमैंट हॉस्पिटल द्वारा किए गए यह सबसे ट्रांसप्लांट है। रविवार को हुए इस ऑर्गन ट्रांसप्लांट की बदौलत 4 लोगों को एक नई जिंदगी मिल पाई है। नाभा के रहने वाले 55 वर्षीय राम सिंह (बदला हुआ नाम) 26 दिस बर को एक सडक़ हादसे का शिकार हो गए थे, हालत ज्यादा नाजुक होने के कारण उन्हें पीजीआई. रैफर कर दिया गया था, लेकिन इलाज के बावजूद उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हो रहा था। डाक्टरों ने उन्हें 29 दिसंबर को ब्रेन डेड घोषित कर दिया था। पीजीआई. ने वर्ष 2016 में 2 व वर्ष2017 में 27 ऑर्गन ट्रांसप्लांट किए थे, पिछले 2 वर्षो की तुलना में इस वर्ष 63 प्रतिशत की तेजी आई है।

4 मरीजों को मिली नई जिंदगी

ब्रेन राम सिंह की बदौलत पीजीआई. में काफी अर्से से अपना इलाज करा रहे है दो किडनी पेशेंट को किडनी ट्रांसप्लांट की गई है। यह दोनों मरीज पिछले कई वक्त से डायलसिस पर थे। वहीं दो मरीजों को कॉनिर्या भी ट्रांसप्लांट किया गया है, पिछले दो वर्षो से पीजीआई. ब्रेन डैड मरीजों को ऑर्गन ट्रांसप्लांट करने में एक नया रिकॉर्ड कायम कर रहा है। पीजीआई. में दिस बर महीने में यह चौथा ऑर्गन ट्रांसप्लांट हैं।

देशभर में ऐसे कई मरीज हैं जो ऑर्गन ट्रांसप्लांट के इंतजार में इस दुनिया से चले जाते हैं। पीजीआई. का ऑर्गन ट्रांसप्लांट विभाग ऐसे लोगों को एक नई जिदंगी देने के लिए काफी काम कर रहा है लेकिन लोगों को ऑर्गन डोनेशन के प्रति और ज्यादा जागरुक होने की जरूरत है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को बचाया जा सके। पीजीआई. ने वर्ष 2017 में ऑर्गन ट्रांसप्लांट करने में काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। रोटो काफी अच्छा काम कर रहा है उम्मीद है कि वर्ष 2018 में भी विभाग इसी तरह से काम करेगा।  - डा. जगत राम, डायरैक्टर, पीजीआई

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