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Friday, April 20, 2018
Chandigarh

जीएमसीएच के नए निदेशक प्रोफेसर बीर सिंह चवन ने संभाला कार्यभार

January 02, 2018 06:43 AM

चंडीगढ़ (विजय राणा) - नए साल के पहले दिन जीएमसीएच के नए निदेशक प्रोफेसर बीर सिंह चवन ने अपना पदभार संभाल लिया है।  डॉ चवन को जीएमसीएच के पूर्व निदेशक डॉ एके जनमेजा के रिटायर्ड होने के बाद जीएमसीएच का निदेशक नियूक्त किया गया है। प्रोफेसर चवन जीएमसीएच में पिछले 21 सालों से जीएमसीएच में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इसके अलावा वे ग्रिड (गर्वनमेंट रीहैबलिएटेशन इंस्टीट्यूट फॉर इंटलेक्चुअल डिसेबिलिटीज) में भी जाइंट डायरैक्टर के पद वर्ष 1999 से अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

इस बारे बात करते हुए प्रोफेसर चवन ने कहा कि खुद मैंने जीएमसीएच को तरक्की करते हु्ए देखा है। इसलिए मुझे ये अंदाजा है कि संस्थान के क्या नकारात्मक है और क्या सकारात्मक।  मेरा फोकस इन्ही नकारात्मक बिंदूओं को दूर करने पर रहेगा। गवर्नमैंट अस्पताल में आधे से ज्यादा मरीज मध्यवर्गीय परिवार या उससे निचले तबके के आते हैं। हमारी कोशिश रहेगी कि इन मरीजों को अच्छे से अच्छा ट्रीटमेंट दे सके।

बीमारी के दौरान मरीज को जहां अच्छे इलाज की जरूरत होती है वहीं उनके परिजन भी के ट्रॉमा से गुजर रहे होते हैं। मरीजों को अच्छा ट्रीटमेंट देने के साथ ही मेरी पूरी कोशिश रहेगी कि मरीजों के परिजनों को भी अस्पताल में अच्छा माहौल मिल सके, खासकर कम पढ़े लिखे लोगों के लिए अस्पताल के सिस्टम को मजबूत करने की जरूरत है।

यह रहेंगी प्राथमिकताएं

प्रोफेसर चवन कई ऐसे बिन्दूओं पर चर्चा की जिन्हे जल्द ही सुधारे जाने की जरुरत है। प्रोफेसर चवन ने कहा कि हॉस्पिटल के कर्मचारी उसकी रीढ़ की हड्डी होते हैं, इसलिए उनकी सुविधाओं का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा। उन्हें साथ लेकर काम करेंगे

मरीजों को हॉस्पिटल में हो रही दिक्कतों को किया जाएगा दूर

प्रोफेसर बीर सिंह चवन ने कहा कि सबसे पहले हॉस्पिटल के लंबित प्रोजेक्ट्स को समझेंगे। उन्होंने कहा कि हॉस्पिटल में आने वाले मरीजों को किस-किस तरह की दिक्कतें रही हैं उनका रेंडम सर्वे करवाकर जो दिक्कतें सामने आएंगी,उन्हें प्राथमिकता पर हल किया जाएगा। डॉ. चवन ने बताया कि वे 21 साल से डिपार्टमेंट साइकेट्री में प्रोफेसर हेड हैं। हॉस्पिटल की दिक्कतों को अच्छे से समझते हैं लेकिन अब जिम्मेदारी को बेहतर तरीके से निभाने के लिए मरीजों और उनके परिजनों की दिक्कतों का पूरा ख्याल रखेंगे। उन्होंने कहा कि जीएमसीएच-32 के लंबित प्रोजेक्ट्स को वे पूर्व निदेशक डॉ. एके जनमेजा से समझेंगे उसके बाद ही उन पर आगे करने की योजना बनाएंगे।

1. हॉस्पिटल को साफ सुथरा रखा जाएगा, खासतौर पर टॉयलेट्स/ वॉशरूम को।

2.मरीजों के रिश्तेदारों के बैठने के लिए अस्पताल में विशेष प्रबंध किए जाएंगे, साथ उनके लिए साफ पीने का पानी भी मुहैया करवाएंगे।

3. सीनियर सिटीजंस और दिव्यांगों के हॉस्पिटल में आने पर उनकी सुविधा के लिए स्टाफ तैनात करेंगे, जो उन्हें उनके गंतव्य से लेकर वापस हॉस्पिटल के बाहर छोड़कर आएगा।

4.रिसर्चको बढ़ावा देने के लिए फेकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम होंगे।

5.प्राइवेट रूम्स को साफ सुथरा रखने के साथ-साथ उनमें सुविधाएं और बढ़ाई जाएंगी।

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