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Friday, April 20, 2018
Chandigarh

चंडीगढ़ की हर सड़क और जमीन का रिकार्ड होगा डिजीटल

January 03, 2018 07:13 AM

चंडीगढ़ (मयंक मिश्रा) - चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से ज्योग्राफिक इंफॉर्मेंशन सिस्टम (जीआईएस) के तहत शुरू किए गए प्रॉपर्टी मैपिंग का काम जल्द ही खत्म हो जाएगा। इसके बाद चंडीगढ़ की हर सड़क बिल्डिंग, बिजली की तारों, खंबे, पार्क, ग्रीन बेल्ट, नेबरहुड पार्क, ट्रांसफार्मर, सब स्टेशन, अनडेवलप प्रॉपर्टी, फॉरेस्ट लैंड, जंगल, पेड़ों और एग्रीकल्चर लैंड का रिकार्ड डिजिटल हो जाएगा।

इसका फायदा यह होगा कि एक क्लिक करते ही शहर के एरिया के प्लान की फोटो कंप्यूटर पर नजर आ जाएगी। इसके लिए प्रशासन की ओर से लाइट डिटैक्शन एंड रैंजिंग (एलआईडीएआर) तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह प्रोजेक्ट केंद्र सरकार का है। इसकी मदद से प्रशासन के पास प्रॉपर्टी का पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन मिल पाएगा।

यूटी प्रशासन और नगर निगम के पास अभी तक ऐसा कोई रिकार्ड नहीं है जिससे यह पता चल सके कि शहर में अंडरग्राउंड सीवर, स्टॉर्म और वॉटरसप्लाई लाइन की पाइप कहां कहां से बिछी हुई हैं। प्रशासन को एक्वायर की हुई लैंड पर निर्माण करवाने के लिए उससे पहले सर्वे करवाना पड़ता है,जिसके चलते बिल्डिंग के बनाने में छह महीने या साल लग जाता है। डिजिटलाइज सर्वे में शहर के हर खाली प्लॉट का पता चल जाएगा। उससे पता चल सकेगा कि किस प्लॉट में पेड़, बिजली की तारें, खंबे, टेलीफोन पोल और पक्के या कच्चे स्ट्रक्चर बने हुए हैं। इस डिजिटल डाटा तैयार हो जाने से अगर कोई भी प्रोजेक्ट प्रशासन भविष्य में किसी खाली जगह या खाली प्लॉट में प्लान करता है तो दोबारा से सर्वे करवाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

शहर के एरियल सर्वे करने का काम जियोक्नो कंपनी को अलॉट किया गया है। यह कंपनी आईआईटी कानपुर की कंसल्टेंसी में काम कर रही है। कंपनी की ओर से हैलीकॉप्टर या एयरो प्लेन से शहर का एरियल और मोबाइल सर्वे किया जा रहा है। पहले मोबाइल सर्वे को व्हीकल से शुरू किया गया था, इसके बाद एरियल सर्वे होना शुरू हुआ। इसके बाद शहर की सड़कों, साइकिल ट्रैक, बिल्डिंग, ओपन लैंड, ग्रीनरी आदि का डिजिटल सर्वे शुरू होगा।

एलआईडीएआर तकनीक से शहर की सभी बिल्डिंग की यह जानकारी भी होगी कि किसने अपने मकान में कितनी वॉयलेशन की हुई है। किस मकान में सरकारी जमीन पर कितना कब्जा किया हुआ है, इसे देखा जा सकेगा। इसके जरिए संबंधित मकान मालिक को नोटिस दिए जा सकेंगे। प्रशासन केअधिकारियों के अनुसार मैपिंग सिस्टम से शहर की प्लानिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। ध्यान रहे कि इस प्रोजेक्ट के तहत पूरे शहर को शामिल किया जाएगा। इसमें चंडीगढ़ के 63 सेक्टर्स और 22 गांव के साथ मनीमाजरा का एरिया भी शामिल होगा। इस पूरे एरिया के एरियल लिडार और एरियल फोटोग्राफ्स कैप्चर किए जाएंगे। शहर की लगभग 1500 किलोमीटर की सड़क का डाटा जुटाने के लिए मोबाइल लिडार और पैनारेमिक इमेजिस का सहारा लिया जाएगा।

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