Follow us on
Monday, July 16, 2018
BREAKING NEWS
किसानों के लिए घड़ियाली आंसू बहाने वालों से पूछें कि सिंचाई परियोजनाएं अधूरी क्यों छोड़ीं - मोदीआज से मिलेगी चंडीगढ़ से कोलकाता के लिए सीधी फ्लाइटरैस्टोरैंट और फास्ट फूड काउंटर एफ.एस.एस.ए.आई. के तय मानकों के अनुसार खाद्य तेल का प्रयोग करेंधोनी की फिनिशिंग पर बार-बार सवाल उठाना दुर्भाग्यपूर्ण - कोहलीपुतिन से अहम सम्मेलन के लिए फिनलैंड पहुंचे अमेरिकी राष्ट्रपतिसांप्रदायिक हिंसा और पीट पीट कर जान लेने की घटना पर प्रधानमंत्री से जवाब मांगेंगे वाम दलभारत, पाक अगले माह रूस में आतंकवाद रोधी एससीओ अभ्यास में हिस्सा लेंगेशहर से दूर जन्मदिन मनाएंगी कटरीना कैफ
Politics

सुशील कुमार मोदी ने लालू को बताया आदतन अपराधी

January 03, 2018 07:32 AM

पटना - बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को आदतन अपराधी और जेल यात्री बताते हुए मंगलवार को कहा कि वह कभी सुधरने वाले नहीं हैं और चारा घोटाले में एक बार सजा होने के बाद भी उन्होंने हजार करोड़ रुपए की बेनामी सम्पत्ति जमा कर ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता मोदी ने यहां कहा कि लालू यादव आदतन अपराधी और जेल यात्री हैं और वह कभी सुधरने वाले नहीं हैं।

किसी को बरी करना या सजा देना न्यायालय का काम है। उन्होंने राजद के जातीय आधार पर सजा दिए जाने के आरोप को इनकार करते हुए कहा कि न्यायालय जाति देख कर सजा नहीं देती है। मोदी ने कहा कि राजद का जातीय कार्ड काफी पुराना हो चुका है और बिहार अब काफी आगे निकल चुका है। तथ्यों एवं सबूतों के आधार पर चारा घोटाले के दूसरे मामले में दोषी करार दिए गए यादव को न्यायालय से कड़ी सजा ही मिलने की संभावना है।

उन्होंने कहा कि चारा घोटाले में एक बार सजा होने के बाद भी यादव ने हजार करोड़ रुपए की बेनामी सम्पत्ति जमा कर ली है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि यादव को 15 साल बिहार में राज करने का मौका मिला लेकिन पूरे बिहार को उन्होंने अंधेरे में रखा। यादव को लगता था कि लोग हमेशा उनकी पार्टी के चुनाव चिन्ह लालटेन के साथ रहेंगे लेकिन अब बिहार से लालटेन युग समाप्त हो चुका है।

उन्होंने कहा कि यादव को अपनी पार्टी का चुनाव चिन्ह बदल कर एलईडी बल्ब कर लेना चाहिए। मोदी ने कहा कि राजद अध्यक्ष जेल में रहें या बाहर कोई फर्क नहीं पडऩे वाला है। वर्ष 2010 में तो यादव बाहर ही थे लेकिन वर्ष 1995 में 170 सीट जीतने वाली उनकी पार्टी 24 सीट पर सिमट गई थी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2015 में यदि नीतीश कुमार उनके साथ नहीं होते तो राजद के लिए 80 सीट जीतना संभव नहीं था। यादव जातीय कार्ड पहले भी खेल चुके हैं लेकिन वह अब कोई कार्ड खेल लें बिहार की जनता झांसा में आने वाली नहीं है।

Have something to say? Post your comment