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Wednesday, January 24, 2018
Chandigarh

मेयर के उम्मीदवार पर भाजपा में बगावत, दो ने भरे नामांकन

January 04, 2018 06:02 AM

चंडीगढ़ (विजय राणा/ सौखिंदर गहलोत ) - शहर के अगले मेयर के लिए उम्मीदवार तय करने को लेकर भाजपा की गुटबाजी सबके सामने आ गई। भाजपा के चंडीगढ़ प्रभारी प्रभात झा की अध्यक्षता में चली लगभग छह घंटे की बैठक के बाद भाजपा ने देवेश मौदगिल को मेयर पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया। जबकि गुरप्रीत ढिल्लों को सीनियर डिप्टी मेयर और विनोद अग्रवाल को डिप्टी मेयर का उम्मीदवार घोषित कर दिया। लेकिन, मौदगिल को उम्मीदवार बनाए जाने का शुरू से विरोध कर रहे कुछ पार्षदों ने पार्टी के खिलाफ जाते हुए निर्दलीय तौर पर नामांकन दाखिल कर बगावती तेवर दिखा दिए। बैठक में भी इतना घमासान हुआ कि संजय टंडन गुट के समर्थक बार बार मौदगिल को उम्मीदवार बनाए जाने का विरोध करते रहे। आखिकार जब मौदगिल को उम्मीदवार बना दिया तो मौजूदा मेयर आशा जसवाल ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन भर दिया। भाजापा में सालों से गुटबाजी है, लेकिन इस तरह की बगावत पहली बार की गई है।

बहुमत में भाजपा, फिर परिणाम की चिंता

नगर निगम में भाजपा बहुमत में है। फिर भी शहर का अगला मेयर भाजपा का ही होगा, इसको लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेता भी चिंता में है। जिस तरह से मौजूदा मेयर आशा जसवाल ने अपने बगावती तेवर दिखाते हुए मेयर पद के लिए निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल किया, उससे कहीं न कहीं यह अंदाजा लग गया कि मेयर चुनाव में जबरदस्त क्रास वोटिंग होगी। यह पहला मौका नहीं है। 2001 में भाजपा की ओर से क्रॉस वोटिंग के कारण ही कांग्रेस ने महज तीन पार्षद होते हुए भी मेयर की कुर्सी पर कब्जा कर लिया था। इसलिए इस बार के चुनाव में भी भाजपा की कोशिश थी कि क्रास वोटिंग न हो। लेकिन, यह संभव नहीं हो पाया। भाजपा मेयर के प्रत्याशी को लेकर एकमत नहीं बना सकी जिसका नतीजा यह रहा कि भाजपा के दो उम्मीदवारों ने मेयर पद के लिए नामांकन भर दिया। यह बात अलग है कि आशा जसवाल ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन भरा है। मेयर चुनाव में पिछले सालों में भी क्रास वोटिंग होती आई है और इस बार भी होनी तय है।

वर्ष 2016 में भी भाजपा पार्षदों ने मेयर पद के चुनाव में क्रॉस वोटिंग हुई थी। उस समय कांग्रेस के पार्षदों की की संख्या आठ थी, लेकिन उनके उम्मीदवार मुकेश बस्सी को 15 मत पड़े थे। वहीं पिछले साल भी जब वित्त एवं अनुबंध कमेटी का चुनाव हुआ, तो क्रॉस वोटिंग के कारण भाजपा की उम्मीदवार हीरा नेगी हार गई थीं। वहीं कांग्रेस के देवेंद्र सिंह बबला ने जीत दर्ज की थी। इस बार बबला कांग्रेस की तरफ से मेयर पद के उम्मीदवार है तथा उनके भाजपा के कई पार्षदों के साथ निजी संबंध भी हैं।

आखिरकार खेर की ही हुई जीत

मेयर चुनाव के प्रत्याशी को लेकर भाजपा चंडीगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन और सांसद किरण खेर ने ताकत लगाई। मेयर पद के उम्मीदवार से ही यह स्पष्ट होता कि किसकी चली है। आखिरकार सांसद किरण खेर की ही चली क्योंकि उन्होंने देवेश मौदिगल को उम्मीदवार बनाने के लिए अपना पूरा जोर लगाया था। पूर्व सांसद सत्यपाल जैन और हरमोहन धवन भी मौदगिल के साथ थे। संजय टंडन ने भी पूरा जोर लगाया कि मौदगिल को उम्मीदवार न बनाया जाए। लेकिन, उनकी नहीं चली।

संजय टंडन समर्थक ‘मेयर आशा जसवाल हुई बागी, मेयर के लिए निर्दलीय तौर पर भरा नामांकन :

नगर निगम चुनाव में भरी बहुमत से सत्ता में आई भाजपा में आज उस समय बगावत खुलकर सामने आई जब मौजूदा मेयर आशा जसवाल ने 9 जनवरी को होने वाले मेयर चुनाव के लिए निर्दलीय तौर पर अपना नामांकन दाखिल कर दिया। नामांकन दाखिल करते समय 9 प्रसाद मौजूद रहे। चंडीगढ़ में भारी बहुमत में आज 9 जनवरी को मेयर के चुनाव को लेकर जहां सुबह से घमासान मचा वही दोपहर बाद नामांकन से एक घंटा पहले पार्टी ने मेयर के लिए देवेश मोदगिल सीनियर डिप्टी मेयर गुरप्रीत ढिल्लो व डिप्टी मेयर के लिए विनोद अग्रवाल के नाम फाइनल किए गए। स्पस्ट देखने को मिल रहा था कि की संजय टंडन समर्थक देवेश को मेयर बनाने के लिए तैयार नहीं थे लेकिन सांसद किरण खेर व पूर्व सांसद सत्यपाल जैन देवेश के नाम पर अड़े हुए थे।  

किसी भी तरह की कुर्बानी देने को तैयार : मेयर

मैंने भाजपा के लिए कईं कुर्बानियां दी है लेकिन अब नामांकन इसलिए भरा यह पार्टी के लिए कुर्बानी है किसी व्यक्ति के लिए नहीं है। अगर पार्टी के लिए मरना भी पड़ेगा तो मैं पीछे नहीं हटूंगी। मंै कश्मीर में भी प्रभारी हूं, मंै वहां पर करफ्यू में भी जाती हूं। आशा जसवाल ने कहा कि देवेश मौदगिल कितनी बार पार्टी के लिए वहां जाकर खड़े हुए। पार्टी का कहीं इलेक्शन होता है, पार्टी को फंड की जरूरत होती है, पार्टी के लिए जीना-मरना होता है तब मौदगिल कहां होते है और जो उनका समर्थन करने वाले होते हैं वह कहां होते है। जहां पैसे कमाने वाली बात होती है वहां वह जरूरत हाजिर होते होंगे। लेकिन मैंने उन्हें कभी नहीं देखा पार्टी के लिए जीते व मरते हुए। वह झूठ बोलते है और झूठ बोलने वालों को मैं समर्थन नहीं करुंगी।

प्रभात झा जी को हमने दिल्ली जाकर पत्र दिया था और सारी बातों से अवगत भी करवाया था। प्रभात झा जी ने सारी बात सुनकर माना था कि यह गलत है तो उस गलत का साथ क्यों दे रहे हैं। अगर वह भी गलत का साथ दे रहे हैं तो देते रहे।

प्रभात झा ने नहीं सुनी हमारी बात- आशा जसवाल

नामांकन भरने के बाद मेयर आशा जसवाल ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि  जब हम सुबह प्रभात झा से मिलने के लिए गए तो हमारी बात नहीं सुनीं गई। बार-बार हमने 3-4 घंटे गुहार लगाते रहे परंतु हमें नजरअंदाज किया गया। उन्होंने कहा कि निर्णय तो हमने कर लिया है। जब निर्णय के बारे में हमें पता चला तो हमने कहा कि इस व्यक्ति को छोडक़र अन्यों को मेयर कैंडिडेट बना दें। मेयर आशा जसवाल ने कहा कि हमारे सीनियर डिप्टी मेयर हैं राजेश गुप्ता जी वह तीन बार जीत चुके हैं उन्हें कैंडिडेट बना दें परंतु हमारी बात नहीं सुनीं। उन्होंने कहा कि निर्णय हमने कर लिया है। तब जाकर मैंने नामांकन दाखिल किया है। मैं अपना नामांकन वापस नहीं लूंगी। आगे जो होगा देखा जाएगा लेकिन भारतीय जनता पार्टी के लिए जीएंगे और मरेंगे अगर पार्टी में कोई गलत चलेगा तो इसके खिलाफ भी खड़े होंगे।

पार्टी के समर्थन से भरा नामांकन : आशा जसवाल

 मैं सीनियर हूं इसलिए मेरे साथियों ने मुझे स्पोट की और मैंने नामांकन दाखिल किया है। पार्टी में वह आगे नहीं आ सकता जो झूठ बोलता हो, करप्शन करता हो, पार्टी के मेयर और पार्टी के प्रैजिडैंट का सम्मान न करता हो। डिसीप्लीन में न रहता हो। उसे मैं कभी भी स्वीकार नहीं करुंगी। मेयर आशा जसवाल ने कहा कि भाजपा किसी भी तरह के भाग में नहीं बंटी। भाजपा शीर्ष में है और शीर्ष में रहेगी।

करोड़ों रुपए का घोटाला करने वाले व्यक्ति को स्वीकार नहीं करुंगी : मेयर

वर्तमान मेयर ने बातचीत करते हुए कहा कि जिस व्यक्ति ने करोड़ों का घोटाला करने वाली सैलवैल कंपनी को स्पोर्ट किया। उस व्यक्ति को मैं स्वीकार नहीं करुंगी। हम एकजुट हैं और भाजपा के साथ है। ऐसे लोग फोटो खिंचवाने के लिए तो सबसे आगे रहते हैं लेकिन जब पार्टी के लिए कुछ करने की बात आती है तो वे और उनके समर्थक कहीँ दिखाई नहीं देते।

पार्टी का बनाया मजाक : सूद

मेरे हिसाब से पार्टी का मजाक बनाया गया है। प्रभात झा जी ने कहा था कि सभी पार्षदों से बैठक कर उनकी राय ली जाएगी। जिसके नाम पर ज्यादा सहमती बनेगी उसे ही मेयर कैंडिडेट बनाया जाएगा। अरुण सूद ने कहा कि जिस पर बैठक के दौरान अधिकतर पार्षदों ने उनका फेवर किया। उन्होंने कहा कि 6 पार्षदों ने देवेश का नाम लिखा। सीनियर डिप्टी मेयर राजेश गुप्ता ने अपना नाम लिखा था। उन्होंने कहा कि हम अमित शाह व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात करेंगे।

बुधवार को चंडीगढ़ में यूटी गेस्ट हाउस में चंडीगढ़ भाजपा के अध्यक्ष संजय टंडन, संगठन मंत्री दिनेश कुमार और प्रभारी प्रभात झा ने भाजपा की ओर से मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के पदों के लिए बैठक की। बैठक सुबह 9 बजे शुरु हुई। बैठक में सुबह से ही मेयर पद के लिए देवेश मौदगिल का नाम सबसे उपर चल रहा था। लेकिन संजय टंडन और उनके समर्थक पार्षद इसका विरोध कर रहे थे।

अलग अगल बैठे दिखे भाजपा पार्षद

यूटी गेस्ट हाऊस में सुबह से ही भाजपा के सभी पार्षद जुटने शुरु हो गए थे। तब भी पार्टी में गुटबाजी देखने को मिली। वहां भी पार्षदों के दो समुह अलग अलग बैठे दिखे। किरण खेर के ग्रुप में भारत के अपर सॉलिसिटर जनरल सत्यपाल जैन, पार्षद देवेश मौदगिल, चंद्रवती शुक्ला, अनिल दूबे  और कंवरजीत सिंह राणा बैठे थे। वहीं दुसरे ग्रुप में चंडीगढ़ भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन, मेयर आशा जसवाल, गुरप्रीत ढिल्लों, सतीश जैन और अरु सूद बैठे थे। पार्टी के सदस्यों को इस तरह से बैठे देख पार्टी की अंतर कलह साफ दिखाई दे रही थी।

अभी मेयर मै हूं- आशा जसवाल

यूटी गेस्ट हाउस में जब मेयर पद के लिए देवेश मौदगिल का नाम सामने आया तो पार्षश रवीकांत शर्मा ने बातों बातों में कहा कि देवेश मौदगिल मेयर बन ही गए। तब वहां खड़ी आशा जसवाल ने तपाक से कहा कि अभी देवेश मेयर नहीं बना है। अभी मै ही चंडीगढ़ की मेयर हूँ और चुनाव होने तक मै ही मेयर रहुंगी।

चिंतित दिखे संजय टंडन

बैठक में चंडीगढ़ भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन काफी चिंतित दिखे। वे बार बार बैठक से उठकर बाहर आ जा रहे थे। वे कभी फोन पर बात करने लगते और कभी अपने समर्थक पार्षदों के बीच जाकर उनसे बात करने लगते। इस नामांकन को लेकर उनके चेहर पर चिंता साफ तौर पर दिखाई दी।

आशा जसवाल के खिलाफ हो सकती है कार्रवाई

मेयर चुनाव में निर्दलीय नामांकन भरने के लिए आशा जसवाल पर पार्टी की ओर से कार्रवाई भी हो सकती है। इस बारे में चंडीगढ़ भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन कहा कहा कि आशा जसवाल के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है लेकिन फिलहाल इस बारे में कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। क्योंकी अभी चुनाव में वक्त है और नामांकन को वापिस भी लिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि भाजपा एक संगठित पार्टी है। पार्टी के सदस्यों की जो भी नाराजगी है उसे दूर किया जाएगा।

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