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Monday, January 22, 2018
Punjab

22 से 26 जनवरी तक डी.सी. दफ्तरों के बाहर धरना लगाएंगे किसान

January 05, 2018 07:17 AM

चंडीगढ़ - पंजाब सरकार द्वारा 7 जनवरी को कर्ज माफी के लिए किए जा रहे राज्यस्तरीय कार्यक्रम से पहले ही माहौल गरमा गया है। किसानों की कर्ज माफी के लिए जारी पहली सूची ही अनियमितता के चलते विवादों में आ गई है। जिसपर किसान यूनियन एकता उगाहूं की तरफ से आवाज उठाई गई है कि कर्ज की माफी मौके हर ज़िलो में हकदार बनते हज़ारों आम किसानों को तो वंचित रखा जा रहा है। जबकि पार्टी के चहेतों को फायदे पर फायदा दिया जा रहा है। जिनमे सैलर मालिक और आढ़तिये तक शामिल है।

उन्होंने दावा किया है कि जारी हुई लिस्टों में एक ही धनी परिवार के दो -दो जीवों को दो -दो लाख और एक ही नाम नीचे 2-2लाख की दूहरी मुआफी भी दर्ज है। यूनियन के राज्य जनरल सचिव सुखदेव सिंह कोकरी कलों ने कहा कि इस सम्बन्धित ठोस तत्व मोगा के गांव सैदोके की लिस्ट में देखे जा सकते हैं। इस के इलावा मानसा, बठिंडा, बरनाला, मुक्तसर और संगरूर जिलों में इस राहत के हकदार वंचित रखे हज़ारों किसानों की तरफ से जगह -जगह किये जा रहे रोश प्रदर्शन भी ठोस सबूत ही हैं।

भारतीय किसान यूनियन एकता उगाहूं के मानसा जिला प्रधान राम सिंह भैनी बाघा ने इसका विरोध करते हुए कहा है कि अगर सरकार ने जारी सूची में सुधार न किया तो 7 जनवरी को कर्ज माफी के लिए रखे गए सूबा स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री कैप्टन का घेराव किया जाएगा। किसान संगठनों ने 22 से 26 जनवरी तक डी.सी. दफ्तरों के बाहर पांच दिनों धरना लगाने का भी फैसला लिया है।

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