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Thursday, October 18, 2018
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एसबीआई ने दिया ग्राहकों को नए साल का तोहफा

January 06, 2018 08:30 AM

मुंबई - भारतीय स्टेट बैंक ने अपने ग्राहकों को नववर्ष का उपहार देते हुए न्यूनतम बैलेंस की सीमा घटाई है। एसबीआई ने अपने 25 करोड़ ग्राहकों के लिए शहरी इलाकों में तीन हजार रुपए से घटाकर एक हजार रुपए और अद्र्धशहरी तथा ग्रामीण इलाकों में घटाकर 500 रुपए न्यूनतम बैलेंस की सीमा कर दी है।

बैंक ने बताया कि न्यूनतम बैलेंस की नई सीमा जनवरी 2018 से प्रभावी हो गई है। अब औसत न्यूनतम बैलेंस की गणना भी मासिक की जगह तिमाही आधार पर की जाएगी। पहले न्यूनतम बैलेंस नहीं रखने पर शहरी इलाकों में जहां 30 से 50 रुपए और अद्र्धशहरी तथा ग्रामीण इलाकों में 20 से 40 रुपये मासिक शुल्क लगता था वहीं अब ये शुल्क तिमाही लगेंगे। इस प्रकार शुल्क भी एक तिहाई कर दिया गया है। शुल्क पर वस्तु एवं सेवा कर अलग से देय होगा।

अब तक बैंक के ग्राहकों को मेट्रो शहरों तथा अन्य शहरी क्षेत्रों में न्यूनतम बैलेंस तीन हजार रुपए रखने होते थे। अद्र्धशहरी इलाकों में यह सीमा दो हजार रुपए तथा ग्रामीण क्षेत्रों में एक हजार रुपए थे। बैंक ने पिछले साल 01 अप्रैल से न्यूनतम बैलेंस का प्रावधान दुबारा लागू किया था। न्यूनतम बैलेंस की ऊंची सीमा के कारण उसे काफी आलोचना झेलनी पड़ रही थी।

बैंक की प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि जनवरी-मार्च 2018 की तिमाही से घटा हुआ शुल्क और नयी व्यवस्था लागू हो गई है। उसने बताया कि बैंक में बचत खाता वाले ग्राहकों की संख्या 41 करोड़ है जिनमें 16 करोड़ खाते प्रधानमंत्री जनधन योजना या बेसिक सेभवग बैंक अकाउंट के तहत खुले हैं या पेंशन भोगियों, बच्चों तथा सामाजिक सुरक्षा लाभ के लिए खोले गए हैं। अन्य 25 हजार ग्राहकों को न्यूनतम बैलेंस में कटौती का लाभ मिलेगा।

उसने कहा कि सामान्य बचत खाता धारकों को पास पहले भी यह विकल्प था और आगे भी होगा कि वे अपने नियमित बचत खाते को बिना किसी शुल्क के बेसिक सेविंग खातों में बदलवा सकते हैं। ऐसा करने से वे न्यूनतम बैलेंस की अनिवार्यता से बच जायेंगे, हालांकि इन खातों में लेनदेन की सीमा काफी कम होती है।

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