Follow us on
Wednesday, January 23, 2019
World

अमेजॉन के CEO बने दुनियां के सबसे अमीर आदमी

January 11, 2018 07:40 AM

जब भी सबसे अमीर आदमियों की बात आती है तो हमारे दिमाग में बिल गेट्स या अंबानी का नाम आता है पर अब कोई और दुनिया के सबसे अमीर आदमी का खिताब हासिल कर चुका है। अमेजॉन के सीईओ जेफ बेजोस दुनिया के सबसे अमीर शख्स के साथ-साथ अब तक के सबसे अमीर शख्स बन गए हैं।

बेज़ोस ने बिल गेट्स को पीछे छोड़ ये उपलब्धि अपने नाम की है। उनकी कुल संपत्ति 105 बिलियन डॉलर यानी 66000 करोड़ हो गई है। उनकी संपत्ति का ज्यादा हिस्सा अमेज़न के 7.8 मिलियन शेयर से आता है, जो उनके हिस्से है। 53 वर्षीय जेफ बेजोस की जिंदगी काफी संघर्ष भरी रही है। बचपन से ही वो काफी एक्टिव रहे हैं। उनकी मेहनत की बदौलत आज वो दुनिया के सबसे अमीर आदमी बन गए हैं।

एक वक्त ऐसा था जब उनके पास पैसों की तंगी थी। बचपन भी काफी संघर्षों के साथ बीता। उनके माता-पिता की शादी होने के एक साल बाद ही दोनों ने तलाक लेने का फैसला कर दिया। तलाक का कारण उनके पिता की शराब पीने की आदत थी। जब वो चार साल के थे तो उनकी मां ने दूसरी शादी मिगुअल माइक कर ली। मिगुअल ने उनको कानूनी रूप से उन्हें गोद ले लिया। उनका बचपन नाना के साथ बीता. उनके नाना ने ही उनको कंप्यूटर चलाना सिखाया।

जेफ बेजोस की नेट वर्थ का ज्यादातर हिस्सा अमेजॉन में 7.89 करोड़ शेयर्स का है। इसके शेयर सोमवार को ट्रेडिंग के दौरान 1.4% बढ़े, जिससे बेजोस की नेट वर्थ में करीब 1.4 अरब डॉलर का इजाफा हुआ।अमेजॉन के शेयर्स अब तक 2018 में करीब 7 % बढ़ चुके हैं। पिछले साल अमेजॉन के शेयर्स में 56% का इजाफा हुआ था।

Have something to say? Post your comment
 
More World News
राष्ट्रपति चुनाव के लिए कमला हैरिस की दावेदारी से उत्साहित हैं भारतीय-अमेरिकी
जमानत मंजूर होने पर पर जापान में ही रहूंगा - घोसन
यूरोपीय संघ ने कहा, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य के चुनावी नतीजों पर संशय बरकरार
आंशिक सरकार बंदी, सीमा मुद्दे पर महत्वपूर्ण घोषणा कर सकते हैं ट्रंप
इजराइली एनएसए ने की मोदी से मुलाकात, द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा
अफगानिस्तान में भारत की कोई भूमिका नहीं - पाकिस्तान एफओ
पाकिस्तानी सेना ने तालिबान के शीर्ष कमांडर समेत चार आतंकवादियों को ढेर किया
डेमोक्रेट नेताओं के कारण ठप हुआ सरकारी कामकाज - ट्रम्प
भ्रष्टाचार मामले में शरीफ की जमानत रद्द करने से न्यायालय का इंकार
कामकाज बंदी के चलते गर्त में पहुंची अमेरिकी अर्थव्यवस्था