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Monday, February 19, 2018
Chandigarh

आज मनेगी महाशिवरात्रि, मंदिरों में उमड़ेंगे श्रद्धालु

February 13, 2018 07:25 AM

चंडीगढ़ (मयंक मिश्रा) - ट्राइसिटी में शिवरात्रि मंगलवार को ही मनाई जाएगी। महाशिवरात्रि पर्व को लेकर इस बार असमंजस बना हुआ था। लेकिन, ट्राइसिटी में शिवरात्रि मंगलवार को ही मनाई जाएगी। इसके लिए शहर के सभी मंदिरों में तैयारी की गई है। कहीं गंगाजल चढ़ाने की व्यवस्था तो कहीं भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। शिवरात्रि पर सुबह से ही श्रद्धालु जल व दुग्धाभिषेक के लिए पहुंच जाते हैं। इसके मद्देनजर मंदिरों के द्वार सुबह जल्दी खोल दिए जाएंगे। वहीं, मुख्य मंदिरों के इर्द-गिर्द सुरक्षा के भी प्रबंध किए गए हैं। ट्राईसिटी में सबसे ज्यादा श्रद्धालुओं की भीड़ सकेतड़ी शिव मंदिर में जुटती है। मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं के लिए शिवरात्रि पर विशेष प्रबंध किए हैं।

उदर, श्री सिद्ध बाबा बालक नाथ मंदिर सेक्टर-29 में चांदी का शिवालय बना दिया गया है। अब तक जिस मंदिर में साधारण शिवलिंग पर भोले के भक्त जलाभिषेक करते थे वहां पर इस महाशिवरात्रि के दिन भक्त 2 फुट ऊंचे चांदी के शिवालय पर महाभिषेक करेंगे। सोमवार को मंदिर में महिला संकीर्तन व शिव कथा का आयोजन हुआ । मंगलवार को मंदिर में सुबह पंडित राम नारायण भजन-कीर्तन व शिव कथा का आयोजन होगा। ध्यान रहे कि यूं तो हर महीने की कृष्णपक्ष चतुर्दशी को मास शिवरात्रि मनाई जाती है लेकिन फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को पड़ने वाली महाशिवरात्रि की प्रधानता मानी गई है।

इस बार कुछ अलग है संयोग

मंगलवार की रात 10 बजकर 37 मिनट तक त्रयोदशी तिथी रहेगी, इसके बाद चतुर्दशी प्रारंभ हो जाएगी। चतुर्दशी तिथि 13 फरवरी को रात10 बजकर 34 मिनिट से शुरु होगी। जो 14 फरवरी को रात 12 बजकर 14 मिनट तक रहेगी। इस संयोग के कारण ही इस वर्ष महाशिवरात्रि पर्व दो रात्रियों तक रहेगा।शास्त्रों का मत है कि महाशिवरात्रि त्रयोदशी युक्त चतुर्दशी को मनाई जानी चाहिए। चतुर्दशी तिथि 14 फरवरी को उदया तिथि में हैं। यही वजह है कि इस बार शिवरात्रि की तिथि को लेकर असमंजस है। पंडितों का कहना है कि शास्त्रों और पुराणों के अनुसार निशीथ व्यापिनी ( यानी रात्रि के अष्टम मुहूर्त) फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को श्री महाशिवरात्रि का व्रत किया जाता है इस साल फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी 13 फरवरी को पूर्ण रूप से निश्चित व्यापिनी है जबकि 14 फरवरी  को निशीथ काल  आंशिक ही व्याप्त है इसलिए यह व्रत 13 फरवरी मंगलवार को ही शुभ माना जाएगा। पंडितों का कहना है कि महाशिवरात्रि के दिन पूजा करने के लिए सबसे पहले मिट्टी के बर्तन में पानी भरकर, ऊपर से बेलपत्र,  धतूरे के पुष्प, चावल आदि डालकर शिवलिंग पर चढ़ायें।

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