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Friday, April 26, 2019
Punjab

दिव्यांग व्यक्ति हमारे समाज का अटूट अंग - अरुणा चौधरी

February 07, 2019 09:55 AM

चंडीगढ़ - ‘दिव्यांग व्यक्ति हमारे समाज का अटूट अंग हैं और पंजाब सरकार समाज के इस वर्ग को हरेक सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए दृढ़ है जिससे वह गर्व से अपनी जि़ंदगी जीने के योग्य होगें। यह खुलासा आज यहाँ पंजाब भवन में सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री, पंजाब श्रीमती अरुणा चौधरी ने प्रांतीय सलाहकार बोर्ड की मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए किया। इस बोर्ड का गठन ‘राइट्स ऑफ पर्सनज़ विद डिसएबिलटीज़ (आर.पी.डब्लयू.डी.) एक्ट, 2016 की धारा 66 के अंतर्गत किया गया।

मंत्री ने आगे कहा कि मानसिक तौर पर परेशान व्यक्तियों के लिए लुधियाना, अमृतसर, कपूरथला और राजपुरा में बने चार आसरा घरों में बुनियादी ढांचों में सुधार लाने पर ज़ोर दिया जा रहा है। इन घरों में विशेष शिक्षक, डॉक्टरी सहूलतें और दाखि़ले की प्रक्रिया को सुविधाजनक करने और बच्चों को उनकी मानसिक दशा के हिसाब से अलग-अलग रखने का प्रबंध करने के लिए कदम उठाने पर विचार किया जा रहा है।

राज्यभर में आर.पी.डब्लयू.डी. एक्ट, 2016 को लागू करने संबंधी बात करते हुए चौधरी ने कहा कि इस एक्ट को सफलतापूर्वक लागू करना यकीनी बनाने के लिए सभी विभागों का सहयोग लाजि़मी है। और विवरण देते हुए मंत्री ने कहा कि ट्रांसफर नीति में ‘दिव्यांग’ व्यक्तियों को प्राथमिकता दी जा रही है और सभी जि़ला शिक्षा अधिकारियों को इस संबंधी हिदायतें की गई हैं। स्कूलों के निर्माण के दौरान रेलिंग वाले रैंप बनाने के अलावा दिव्यांग व्यक्तियों की सुविधा वाले पखाने और पीने के पानी की सुविधा यकीनी बनाई जा रही है। स्कूलों में किसी भी दिव्यांग व्यक्ति को दाखि़ले से भी मना नहीं किया जायेगा। उच्च शिक्षा संस्थाओं में दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए पाँच प्रतिशत सीटें आरक्षित रखी जाएंगी। गुरू नानक देव यूनिवर्सिटी, अमृतसर, पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला, पी.ए.यू. लुधियाना, ख़ालसा कॉलेज अमृतसर और राजीव गांधी नेशनल यूनिवर्सिटी में यह मापदंड लागू कर दिए हैं।

मंत्री ने खुलासा किया कि इस एक्ट में गरीबी हटाओ स्कीमों में दिव्यांग व्यक्तियों के लिए पाँच प्रतिशत आरक्षण और रियायती दरों पर ज़मीन देने में भी इतने ही प्रतिशत आरक्षण देने का प्रस्ताव है। यही नहीं, बल्कि पारदर्शिता यकीनी बनाने के लिए अपंगता सर्टिफिकेट भी अब ऑनलाईन यू.डी.आई.डी. प्रोग्राम के द्वारा जारी किये जा रहे हैं। नये रजिस्टर्ड दिव्यांग व्यक्तियों की डॉक्टरी जाँच करने के लिए पंजाब कैडर के माहिरों को प्रशिक्षण देने के लिए राज्य के तीन मैडीकल कॉलेजों में प्रोग्राम शुरू करने की योजना है। इसके अलावा बहरे व्यक्तियों के लिए ऑडीओलोजिस्ट के अलावा मनोवैज्ञानिक भर्ती करने की प्रक्रिया चल रही है।

चौधरी ने कहा कि उन्होंने अपने नेतृत्व वाले ट्रांसपोर्ट विभाग को हिदायत की है कि दिव्यांग बच्चों के लिए स्कूल बसों का प्रबंध यकीनी बनाया जाये। वह यह बात भी यकीनी बनाऐंगे कि राज्य सरकार द्वारा किये ऐलान के मुताबिक 14 बस स्टैंडों पर दिव्यांग समर्थकी बुनियादी ढांचा कायम करना यकीनी बनाया जायेगा।

मंत्री ने खेल सहूलतों तक दिव्यांग खिलाडिय़ों की पहुँच यकीनी बनाने की वकालत की और ऐसे खिलाडिय़ों के लिए खेल मुकाबले करवाने पर ज़ोर दिया। उनहोंने यह भी बताया कि नयी खेल नीति में दिव्यांग खिलाडिय़ों के लिए नकद इनामों का प्रस्ताव शामिल है।

अपनी, और प्राथमिकताएं गिनाते हुए चौधरी ने कहा कि दिव्यांग व्यक्तियों के साथ ग़ैर पक्षपाती व्यवहार को यकीनी बनाने के अलावा सरकार इन व्यक्तियों की सूचना और संचार प्रौद्यौगिकी तक पहुँच यकीनी बनाऐगी। एक अहम ऐलान में उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यालयोंं में दिव्यांग व्यक्तियों की सुविधा के लिए हरेक विभाग के दो मुलाजिमों को संकेतक भाषा सिखाई जायेगी और यह प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। उन्होंने सभी पार्कों में दिव्यांग व्यक्तियों समर्थकी सहूलतें देने की भी वकालत की और बताया कि मोहाली और अमृतसर में ऐसे पार्कों का निर्माण हो रहा है। उन्होंने आगे कहा कि सभी विभागों ने अपने शिकायत निवारण अधिकारी नोटीफाई किये हैं।

इस मौके पर सामाजिक सुरक्षा मंत्री ने ‘राइट्स ऑफ पर्सनज़ विद डिसएबिलीटीज़ एक्ट, 2016 का पंजाबी अनुवाद भी जारी किया। यह पहली बार है जब इस एक्ट का मातृभाषा में अनुवाद हुआ है।

इस मौके पर सामाजिक सुरक्षा, महिला और बाल विकास विभाग के प्रमुख सचिव राज़ी श्रीवास्तव ने मानसिक तौर पर परेशान व्यक्तियों के लिए आसरा घरों संबंधी जानकारी देते हुए बताया कि इनमें बच्चों के लिए घरों जैसा माहौल दिया जा रहा है। इसके अलावा ज़रूरत पडऩे पर डॉक्टर, काउंसलर, मनोवैज्ञानिक और थेरेपिस्ट के साथ उनकी संभाल के लिए स्टाफ का भी प्रबंध है।

 मीटिंग के दौरान प्रांतीय सलाहकार बोर्ड के सदस्यों के अलावा सामाजिक सुरक्षा, महिला और बाल विकास विभाग, पंजाब की डायरैक्टर कविता सिंह और अतिक्ति सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग बी. श्रीनिवासन उपस्थित थे।

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