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Friday, April 26, 2019
Haryana

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राज्य के राजनैतिक दलों के साथ बैठक का आयोजन किया

February 08, 2019 10:08 AM

चंडीगढ़ - आगामी लोकसभा आम चुनाव 2019 को स्वतंत्र, निष्पक्ष व शांतिपूर्ण  ढंग से सम्पन्न करवाने के सम्बन्ध में कार्यालय, मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा राज्य के मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में सभी राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों से मतदान केंद्रो पर बूथ लेवल एजेंट नियुक्त करवाने का अनुरोध किया गया ताकि मतदाता सूचियों को त्रुटिरहित तैयार करवाया जा सके।

बैठक की अध्यक्षता मुख्य निर्वाचन अधिकारी की सहायता के लिए नियुक्त पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन विभाग के निदेशक शेखर विद्यार्थी ने की। बैठक में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के विशेष सचिव महेशवर शर्मा, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ० इन्द्रजीत भी उपस्थित थे।

बैठक मे राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों को बताया गया  कि आयोग द्वारा मतदाता सूची तैयार कर ली गई है और इसकी 2-2 कॉपी सभी राजनैतिक दलों को दे दी गई है। आगामी चुनावों में मतदाता को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। मतदाता सूचियां त्रुटिरहित तैयार करवाई जा सकें, इसके लिए आपसे अनुरोध है कि भारत निर्वाचन आयोग की हिदायतानुसार हरियाणा के सभी 90 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के सभी मतदान केंद्रों पर बूथ लेवल एजेंट (बी.एल.ए) की नियुक्ति करें। बैठक में बताया गया कि राजनैतिक दल मतदाताओं को वोटर हेल्पलाइन टोल फ्री नम्बर-1950 के बारे में भी बताएं, जिससे मतदाता अपने जिले में नंबर पर कॉल करके एवं एसएमएस के माध्यम से अपने फार्म का स्टेटस, पोलिंग स्टेशन, विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, बी.एल.ओ, जिला निर्वाचन अधिकारी इत्यादि जानकारियां प्राप्त कर सकता है। उन्हें इसके लिए कार्यालय में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इसके अलावा यदि कोई मतदाता किसी अन्य जिले से भी जानकारी प्राप्त करना चाहता है  तो वे जिले का एसटीडी कोड के साथ 1950 नंबर डायल कर जानकारी प्राप्त कर सकता है। बैठक में बताया गया कि आयोग द्वारा नमोदिष्ट मतदाता सूची का प्रकाशन 31 जनवरी, 2019 को किया जा चुका है। अगर किसी को कोई आपत्ति है तो वे आयोग के समक्ष दर्ज करवा सकते हैं। इस संबंध में राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों ने कहा कि उन्हें मतदाता सूची से संबंधित कोई आपत्ति नहीं है।

बैठक में प्रतिनिधियों को बताया गया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी की गई हिदायतों के अनुसार सभी राजनैतिक दलों तथा उम्मीदवारों को चुनावी खर्चों का ब्यौरा रखने संबंधी कानूनों का कड़ाई से पालन करना चाहिए। यदि कोई उम्मीदवार अपना निर्वाचन व्यय का लेखा सही प्रकार से नहीं रखता या रजिस्टर में दर्ज नही करता है तो उसे 3 साल तक के लिए चुनाव लडऩे से अयोग्य घोषित किया जा सकता है। भारत निर्वाचन आयोग की हिदायतों के अनुसार लोक सभा आम चुनाव 2019 में प्रत्येक उम्मीदवार चुनाव के समय 70 लाख रुपये की राशी अपने चुनाव प्रचार पर खर्च कर सकता है ।

इसके अलावा नामांकन पत्र दाखिल करते समय उम्मीदवार को खर्चा रजिस्टर दिया जायेगा जिसमें उम्मीदवार द्वारा निर्वाचन व्यय से सम्बंधित प्राप्त राशि तथा खर्च का विवरण अलग-अलग रखना होगा। उम्मीदवार को नामांकन पत्र भरने से पूर्व इसके लिए अलग से बैंक में खाता खुलवाना होगा तथा चैक बुक भी जारी करवानी होगी। उम्मीदवार द्वारा 10 हजार रुपये तक का खर्चा नकद किया जा सकता है तथा इससे अधिक खर्चा चैक द्वारा करना होगा। चुनाव खर्च की देख-रेख के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव व्यय प्रेक्षक नियुक्त किया जाएगा। चुनाव प्रचार की अवधि के समय में तीन बार उम्मीदवार द्वारा अपने खर्च के रजिस्टर की पड़ताल चुनाव व्यय प्रेक्षक द्वारा बताई गई निर्धारित तिथि व समय पर करवाई जानी होगी अन्यथा उसे नोटिस दिया जायेगा ।

बैठक में बताया गया कि चुनाव प्रचार के लिए उम्मीदवारों तथा राजनैतिक दलों के द्वारा विभिन्न प्रकार की प्रचार सामग्री छपवाई जाती है। इसलिए प्रकाशक द्वारा फॉरमेट-क तथा मुद्रक द्वारा फॉरमेट-ख भरा जाना चाहिए और छपाई गई सामग्री का ब्यौरा सहित संबंधित  जिला मजिस्ट्रेट को तीन दिन के भीतर भेजेंगे। यदि प्रचार सामग्री पर प्रकाशक तथा मुद्रक का नाम, पता नहीं होगा तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में बताया गया कि राजनैतिक दलों तथा उम्मीदवारों द्वारा जो प्रचार सामग्री समाचार पत्रों में छपवाई जाती है या ऐसा प्रतीत होता है कि किसी उम्मीदवार ने अपने पक्ष में कोई समाचार जानबूझकर छपवाया है तो उसकी पड़ताल के लिए जिला एवं राज्य स्तर पर मीडिया सर्टिफिकेशन एंड मॉनिरिंग कमेटी (एम.सी.एम.सी) का गठन किया जाएगा, जो ऐसे मामलों की नियमानुसार जांच करेगी तथा जांच करने उपरांत निर्णय लेते हुए उचित कार्यवाही की जाएगी। इसके अलावा यदि किसी उम्मीवार तथा राजनैतिक दल किसी भी प्रकार का विज्ञापन प्रिन्ट मीडिया, इलेक्ट्रौनिक मीडिया अथवा सोशल मीडिया के द्वारा करवाया जाता है तो उसकी स्वीकृति मीडिया सर्टिफिकेशन एंड मॉनिरिंग कमेटी से लेनी आवश्यक है।

बैठक में राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों को बताया गया कि हरियाणा प्रिवेन्शन ऑफ डिफेसमेंट ऑफ प्रोपर्टी एक्ट के तहत किसी भी तरह की प्रोपर्टी को डिफेस करना गैरकानूनी माना गया है। इसलिए राजनैतिक दलों तथा उम्मीदवारों द्वारा केवल नगर निगम या नगरपालिका द्वारा निर्धारित स्थानों पर ही बैनर, पोस्टर इत्यादि प्रचार सामग्री लगाई जा सकती है। इसके अलावा यदि कोई अन्य व्यक्ति किसी पार्टी या उम्मीदवार के लिए कोई प्रचार सामग्री निर्धारित किये गए स्थानों के अतिरिक्त अन्य स्थानों पर लगाई जाती है तो उसे भी संबंधित राजनैतिक दल तथा उम्मीदवार की सहमति से लगा हुआ माना जाएगा। अगर किसी अन्य स्थान पर प्रचार सामग्री लगाई गई तो इस एक्ट के तहत 6 महीने तक की कारावास का प्रावधान है। इसलिए केवल निर्धारित स्थानों पर ही प्रचार सामग्री लगाई जाए।  बैठक में बताया गया कि भारत निर्वाचन आयोग की हिदायतानुसार इस समय प्रत्येक जिला में मोबाइल वैन के माध्यम से राज्य के सभी मतदाताओं को ई.वी.एम व वीवीपैट तथा चुनाव प्रकिया की पूर्ण जानकारी दी जा रही है। इसलिए सभी राजनैतिक दल अपने-अपने संबठनों के माध्यम से जनता को जागरूक करने में सहयोग करें ताकि आमजनता इस जागरूक अभियान में बढ़-चढक़र भाग ले।

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