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Friday, February 22, 2019
Punjab

मंत्रीमंडल ने नियमित न करने योग्य इमारती उल्लंघनाओं के लिए एकमुश्त निपटारा बिल को हरी झंडी दी

February 09, 2019 08:50 AM

चंडीगढ़ - पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व में मंत्रीमंडल ने ‘द पंजाब वन-टाईम वालंटरी डिस्कलोजऱ एंड सेटलमेंट ऑफ वायोलैशन ऑफ की बिल्डिंग बिल -2019 ’ को कानूनी रूप देने के लिए विधान सभा के आगामी सत्र में पेश करने की मंजूरी दे दी है।

मंत्रीमंडल द्वारा 30 जून, 2018 तक म्यूंसिपल क्षेत्रों में इमारती नियमों का उल्लंघन करके बनी सभी इमारतों संबंधी 2 जनवरी, 2019 को मंजूरी देने के बाद इस बिल का नक्शा तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य पार्किंग, आग और सुरक्षा मापदण्डों के साथ पिछले वर्षों के दौरान बनी अवैध इमारतें जिनको इस समय पर गिराना संभव नहीं है, को यकीनी बनाना है।

यह फ़ैसला इमारतों के ढांचों की सुरक्षा और आग से बचाव संबंधी मापदण्डों के साथ समझौता किये बिना अनाधिकृत निर्माणों के मामलों में नियमित न करने योग्य इमारती उल्लंघनाओं के लिए एकमुश्त निपटारे के लिए मौका मुहैया करवाना है।

एक और फ़ैसले में मंत्रीमंडल ने अमृतसर वाल्ड सिटी (रैकोगनीशन ऑफ यूसेज़) एक्ट -2016 की धारा 3(1), 3(2) और 5 में संशोधन करने की मंजूरी दी है जिसका उद्देश्य पवित्र नगरी अमृतसर के गलियारे में अनाधिकृत तौर पर बनी व्यापारिक इमारत को नियमित करने के लिए एकमुश्त मौका मुहैया करवाना है। यह संशोधन एक मार्च, 2019 को अमल में आयेगा जिसके लिए आवेदक को एकमुश्त निपटारे के लिए अमृतसर की वाल्ड सिटी के अंदर की उल्लंघनाओं के विवरण देने होंगे।

मंत्रीमंडल ने हरेक वर्ष जनवरी महीने में विधायकों द्वारा अपनी अचल सम्पत्ति का ऐलान करने को लाजि़मी बनाने के लिए प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी है।

इस उद्देश्य के लिए पंजाब विधान सभा के स्पीकर की इच्छा के मुताबिक मंत्रीमंडल ने ‘द पंजाब लैजिस्टेटिव एसेम्बली (सैलरीज़ एंड अलाऊंस ऑफ मैंबरज़) एक्ट -1942 में धारा 3-ए.ए.ए. में संशोधन करने की मंजूरी दे दी है।

एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि इस प्रस्ताव को बिल के मसौदे का रूप देने के लिए कानूनी सलाहकार के पास भेजा जायेगा जिसके लिए मंत्रीमंडल ने मुख्यमंत्री को अधिकृत किया है।

यह जि़क्रयोग्य है कि मंत्रीमंडल ने 18 मार्च, 2017 को फ़ैसला किया कि सभी विधायक और संसद मैंबर हरेक वर्ष जनवरी महीने में अपनी अचल सम्पत्ति का ऐलान करेंगे। मंत्रीमंडल ने यह भी फ़ैसला किया कि वर्ष 2017 -18 के लिए इसका ऐलान एक जुलाई, 2017 तक किया जाना चाहिए था।

मंत्रीमंडल ने 12 फरवरी, 2019 को शुरू हो रहे 15वें पंजाब विधान सभा के 7वें सत्र के लिए राज्यपाल के भाषण को मंज़ूरी देने के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया है। मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद मसौदे को अंतिम मंजूरी के लिए राज्यपाल के पास भेजा जायेगा।

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