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Chandigarh

पैदल चलने वाले हो जाए सावधान, सडक़ हादसों में जा सकती हैं जानें

February 11, 2019 09:28 AM

चंडीगढ़ (दिग्विजय मिश्रा) - शहर में सडक़ दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए ट्रैफिक नियमों को ध्यान में रखते हुए सडक़ सुरक्षा नियमों का पालन करें। जिससे शहर में बढ़ रहे सडक़ हादसों में गिरावट आ सके। ध्यान रहे कि सडक़ों पर चल रहे दोपहिया व साइकिल चालक सहित पैदल चलने वाले सावधान हो जाएं। क्यों कि 2018 में ज्यादातर इन वाहन चालकों ने सडक़ हादसों का शिकार होकर अपनी जान गंवाई है। बता दें कि 2018 में कुल 316 सडक़ हादसे हुए थे।

जिनमें 316 हादसों में से 219 घायल हुए थे जबकि 98 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं हो रहे सडक़ हादसे में ट्रैफिक पुलिस के सामने चार समस्याएं सामने आए हैं। ट्रैफिक पुलिस की माने तो रेश ड्राविंग पाया गया है। रेश ड्राइविंग के कारण 293 सडक़ हादसे, दूसरा कारण ड्रकन ड्राइव पाया गया है। ड्रकन ड्राइव के चलते 12, रॉग साइड के चलते एक और रेड लाइंट जंप के चलते 10 सडक़ हादसे हुए है। चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस ने पाया कि हिट एंड रन के चलते दो फैटल और दो नॉन फैटल एक्सीडेंट हुए।

जिनमें दो लोगों की मौत भी हो गई। जब कि रॉग पार्किग गाड़ी के चलते एक की मौत, पीछे से हिट करने से 39 लोगों की जान गई। जबकि 69 लोग घायल हुए, साइड से हिट करने से 46 लोगों की मौत हुई जबकि 103 लोग घायल हुए है। ओवरटेक करने से एक व्यक्ति की मौत, आमने-सामने टक्कर से सात लोगों की मौत हुई और 34 घायल हुए हैं। पुलिस की माने तो सडक़ हादसों में 83 पुरूष और 15 महिलाओं ने अपनी जान गवाई है। जबकि 15 पुरूष व छह महिलाएं को गंभीर चोट और 217 पुरूष व 62 महिलाओं को मामूली चोट लगी है।

एक नजर आकड़े पर

 

फैटल

 

नॉन फैटल

 

वाहन

पुरूष

महिला

पुरूष

महिला

पैदल चलने वाले

27

8

30

26

साइकिल सवार

10

1

12

1

रिक्शा/ रेहड़ी

1

-

3

-

ऑटो

3

-

18

3

टू व्हीलर

35

5

122

26

कार/जीप               

6

1

36

12

बस

1

-

1

-

ट्रक

1

-

10

-

कुल

83

15

232

68

                          

हादसे रोकने को उठाए जा सकते हैं कदम

ट्रैफिक पुलिस द्वारा हादसे होने वाले खतरनाक स्थानों पर सूचना या चेतावनी बोर्ड लगा कर हादसा को रोका जा सकता है। ट्रैफिक पुलिस की ओर से कर्मचारी की तैनाती कर भी हादसे रोकने का प्रयास किया जा सकता है। ऐसे स्थानों पर स्पीड ब्रेकर बनाकर भी हादसों को काफी नियंत्रित किया जा सकता हैं।

अवेयर करने के बाजवूद तोड़ रहे है ट्रैफिक नियम

पंजाब हरियाणा हाइकोर्ट की फटकार के बाद चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस ने लोगों को नियमों को लेकर जमकर जागरूग किया। लेकिन लोग ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाने में लगे हुए है। जिसके कारण आए दिन सडक़ हादसे सामने आते रहते है। जब की ट्रैफिक पुलिस द्वारा हर प्रकार से जागरूक किया गया। कभी यमराज के रूप में तो कभी हेलमेट बाट कर लेकिन नियम तोडऩे का सिलसिला जारी है।

2018 में किन मामले में कितना चालान किया पुलिस

बिना हेलमेट

रॉग साइड पार्किग

बिना सीट बेल्ट

56990

40338

14266

रेड लाइट जंप

ड्राइविंग में फोन इस्तेमाल

डेंजर ड्राइविंग

8514

5845

13337

साइकिल ट्रै्रेक पर गाड़ी चलाने वालों के 17 हजार 234 चालान

दिन में हुए ज्यादतार हादसे

वहीं पुलिस सूत्रों की माने तो दिन में ज्यादातर सडक़ हादसे होते हैं। सुबह छह से शाम आठ बजे तक हुए हंै। जिसमें 57 फैटल एक्सीडेंट और 109 नॉन फैटल एक्सीडेंट हुए है। वहीं रात आठ से सुबह छह बजे तक 41 लोगों की जान गई है। जबकि 121 नॉन फैटल एक्सीडेंट हुए है। ट्रैफिक पुलिस ने बताया कि ज्यादा सडक़ हादसों में 18 से 45 वर्ष के लोगों की जान गई।

ये हैं सडक़ हादसों के कारण

- तेज गाड़ी चलाना

- ड्राइविंग के समय एकाग्र न होना

- सीट बेल्ट का इस्तेमाल न करना

- यातायात नियमों की अनदेखी करना

- नशे में गाड़ी चलाना

कैसे करें बचाव

- शराब के नशे में गाड़ी चलाने से बचें

- तेज रफ्तार से गाड़ी न चलाएं

- सडक़ पार करते समय दोनों तरफ देखकर पार करें

- यातायात नियमों का पालन करें

- गाड़ी चलाते वक्त फोन पर बात न करें

कितने भी हों बवाल.. हम नहीं सुधरेंगे

- ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करते हैं रोजाना लोग

-मार्केट में लगा रहता है जाम, सडक़ पर रहती है पार्किंग

-चालान के बाद क्यों नही सुधर रही पब्लीक

-सडक़ किनारे लगे होते है रेहडिय़ा

क्या हैं कार्रवाई के बिंदु

-बिना नंबर प्लेट के वाहन चलाना

-रांग साइड ड्राइविंग                    

-दुपहिया वाहन पर हेलमेट न पहनना

-फिक्स गति से स्पीड गाड़ी चलाना  

-शराब पीकर वाहन चलाना

-पार्किंग गतल स्थान पर करना           

-बिना ड्राइविंग लाइसेंस वाहन चलाना

-वाहन चलाते वक्त फोन उपयोग करना     

-वाहन के शीशे पर काली फिल्म लगाना

-लाल/नीली बत्ती फर्जी उपयोग करना

-वाहनों में अगे बैठे दोनों सवार को बेल्ट न लगाना

सडक़ हादसें कम करने के लिए ट्रैफिक पुलिस का लगातार लोगों को जागरूक करने का प्रयास जारी है। लोग अगर ट्रैफिक नियम का पालन करें तो अपने आप सडक़ हादसे कम हो जाएगें। - जसविदंर सिंह, डीएसपी ट्रैफिक

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