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Sunday, May 26, 2019
Chandigarh

जिम जाकर बॉडी बनाने का शौक युवाओं की किडनी कर रहा खराब

March 14, 2019 09:35 AM

चंडीगढ़ (सोनिया अटवाल) - आजकल युवाओं में जिम जाकर वर्कआऊट करने का जुनून सवार हो गया है। ऐसे में अपने आपकों फिट बनाने के चक्कर में वे प्रोटीन पाऊडर शेक पीना शुरू कर देते है। जिसके कारण धीरे-धीरे उनकी किडनी डैमेज होना लगती है और इसकी जानकारी तब होती है, जब किडनी 90 फीसदी खराब हो जाती है। उनका कहना है कि बदलती लाइफस्टाइल में रोज सैर करना या पार्क में वॉक करने का समय लोग नहीं निकालते।

इन वजहों से शरीर में कई बीमारियां लग जाती हैं। इस बात की पुष्टि करते हुए फोटिस हॉस्पिटल के किडनी स्पेशलिस्ट डॉ.प्रियदर्शी रंजन ने कहा कि मॉडल जैसी फीट बॉडी बनाने के चक्कर में ली गई दवाइयां, प्रोटीन शेक और कैप्सूल कुछ समय के लिए तो बॉडी फीट कर देते हैं, लेकिन किडनी पर घातक असर छोड़ते है।

शुरूआती लक्षणों का नहीं लग पाता पता:डॉ. प्रियदर्शी रंजन

डॉ.प्रियदर्शी रंजन ने बताया कि डायबिटीज, किडनी के इंफेक्शन, गलत दवाइयों, दर्द निवारकों का अत्याधिक प्रयोग, जेनिटक आदि समस्याओं के कारण किडनी खराब होती है। यह एक ऐसी बीमारी है, जिसका शुरूआत में पता लगाना मुश्किल होता है। काम करके जल्दी थकावट होना, जल्दी सांस फूलना, गलत लाइफस्टाइल, आदि इस बीमारी के शुरूआती लक्षण है। इसके बाद पैरों और हाथों में सूजन, दिल का जोर से धडक़ना, खाना पचने की समस्या, उल्टीयां आना, मिर्गी और कोमा आदि लक्षण भी किडनी खराब होने का संकेत देते हैं। इनसे बचने के लिए हर रोज ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए। नॉन वेज खाने पर कंट्रोल करना चाहिए। प्रोटीन शेक, मेडिसन, पेन किलर आदि दवाइयों को डॉक्टर की सलाह के बिना न ले। अपना ब्लड प्रेशर, वजन, शुगर आदि कंट्रोल में रखना चाहिए। इसके अलावा एक साल में एक बार किडनी का चेकअप करवाते रहना चाहिए।

पीजीआई में किडनी की डिमांड बढ़ी:

शुगर की बीमारी के कारण इंसान के अंदरूनी भाग में इंफेक्शन हो जाता है, जिसके कारण इंटरनल ऑर्गनस डेमेज होना शुरू कर देते हैं। पीजीआइ के रोटो (पीजीआइ में अंगदान कराने वाला विभाग) के डाटा से मिली जानकारी के अनुसार किडनी की डिमांड बहुत ज्यादा है। किडनी खराब होने का सबसे बड़ा कारण शुगर है। 100 में से 50 प्रतिशत लोगों को शुगर की बीमारी आम हो गई है। जनवरी से नवंबर 2018 तक पीजीआइ रोटो की तरफ से सबसे ज्यादा 65 किडनी को ट्रांसप्लाट किया गया है। जिसमें 63 किडनी उन्हें पीजीआई और अन्य दो किडनी लुधियाना से मंगवाकर भी मरीज को दी गई है। इस समय पीजीआई में 1250 मरीजों की वेटिंग है जो कि किडनी चाहते है। 

बेटी ने अपनी किडनी देकर बचाई मां की जान:

अपनी मां को किडनी खराब होने के कारण असहनीय दर्द में तड़पते देख  मोहाली निवासी एक बेटी ने अपनी मां को बचाने के लिए अपनी किडनी डोनेट कर दी। मोहाली निवासी प्रकृति ने उस समय दूसरी बार भी नहीं सोचा जब डॉक्टर्स ने उनकी मां अनीता छाबड़ा की किडनी ट्रांसप्लांट की बात कही। प्रकृति ने तुरंत अपनी मां को अपनी किडनी देने की पेशकश की। अनीता की इसी फरवरी महीने में मोहाली के आईवी हॉस्पिटल में किडनी ट्रांसप्लांट की गई।

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