Follow us on
Friday, May 24, 2019
India

उम्रकैद अपर्याप्त लगने पर ही दिया जाए मृत्युदंड - शीर्ष अदालत

March 14, 2019 09:46 AM

नयी दिल्ली (भाषा) - उच्चतम न्यायालय ने पांच साल की बच्ची से दुष्कर्म और हत्या मामले में फांसी की सजा को कम करते हुए कहा कि मृत्युदंड केवल उस स्थिति में दिया जाना चाहिए जब आजीवन कारावास की सजा अपर्याप्त लग रही हो।

न्यायमूर्ति एन वी रमण, न्यायमूर्ति एम एम शांतागौदार और न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी की पीठ ने कहा कि अपराध से जुड़े तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सजा दी जानी चाहिए। पीठ ने दोषी सचिन कुमार की मौत की सजा कम करते हुए उसे बिना राहत के 25 साल के कारावास की सजा सुनाई।

यह मामला नाबालिग के बलात्कार से जुड़ा है जिसने मध्यप्रदेश के सतना जिले में फरवरी 2015 में दम तोड़ दिया था। निचली अदालत की दोषसिद्धि को बरकरार रखते हुए शीर्ष अदालत ने मंगलवार को कहा कि साक्ष्यों में कुछ विसंगतियां भले ही हों और प्रक्रियागत खामियां रिकार्ड में लाई गई हों, लेकिन इसके लिए आरोपी को संदेह का लाभ नहीं दिया जा सकता।

शीर्ष अदालत ने कहा कि निचली अदालत द्वारा दी गई और बाद में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा सही ठहरायी गयी मौत की सजा इस मामले में उचित नहीं है।

Have something to say? Post your comment
 
More India News
फिर एक बार भाजपा सरकार, पूरे देश में प्रचंड मोदी लहर
तेलंगाना में भाजपा ने चौंकाया, जीतीं चार लोकसभा सीटें
भारत एक बार फिर जीता - मोदी
अमेठी में राहुल और स्मृति के बीच दिल थाम देने वाली टक्कर
भारत के इतिहास में पहली बार बहुमत के साथ लगातार दूसरी गैर-कांग्रेसी सरकार
फिर बनेगी मोदी सरकार या विपक्ष करेगा चमत्कार?
राफेल मामले में सरकार ने जानबूझकर अदालत को किया गुमराह - याचिकाकर्ता
गृह मंत्रालय ने राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों से अलर्ट रहने को कहा
लोकसभा चुनाव मतगणना : सभी तैयारियां पूरी, परिणामों में हो सकता है कुछ विलंब
वायुसेना ने ब्रह्मोस मिसाइल के हवा से सतह पर मार करने वाले संस्करण का सफल परीक्षण किया