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Friday, April 19, 2019
India

मोदी, शाह ने असम-बंगाल में चुनाव प्रचार के दौरान सीएबी, एनआरसी की वकालत की

April 12, 2019 10:10 AM

कलिम्पोंग (भाषा) - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने बृहस्पतिवार को असम और पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार के दौरान विवादास्पद नागरिकता (संशोधन) विधेयक और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) का मुद्दा उठाया । पूर्वोत्तर में भाजपा के सहयोगियों द्वारा इन मुद्दों पर सहमत नहीं होने के बावजूद मोदी ने असम के सिल्चर और केंदुकोना में चुनावी रैली में कहा कि पार्टी नागरिकता (संशोधन) विधेयक पारित करने के लिए संकल्पबद्ध है।

बहरहाल क्षेत्र और असम के लोगों को आश्वासन देते हुए मोदी ने असम में बृहस्पतिवार को अपनी दूसरी रैली में कहा कि समाज में सभी वर्गों से विचार विमर्श तथा असमी समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के बाद विधेयक में संशोधन किया जाएगा।

उन्होंने आश्वासन दिया कि विधेयक पर विचार करते हुए असमी भाषा, संस्कृति एवं पहचान को बरकरार रखना सुनिश्चित किया जाएगा।  मोदी सरकार द्वारा पेश किया गया यह विधेयक लोकसभा में आठ जनवरी को पारित हो गया था किंतु इसे राज्य सभा में चर्चा के लिए नहीं लाया जा सका। यह विधेयक अब तीन जून को निष्प्रभावी हो जाएगा।

उन्होंने कांग्रेस को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि आजादी के दौरान देश का बंटवारा करते हुए उन्होंने पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के बारे में नहीं सोचा। मोदी ने कहा, ‘‘कट्टरपंथियों ने पाकिस्तान में हमारे भाइयों एवं बहनों पर अत्याचार किया। क्या कांग्रेस इसके लिए दोषी नहीं है? पाकिस्तान एवं बांग्लादेश में मंदिर एवं गुरुद्वारा जाने वाले लोग भारत आए थे। कांग्रेस के पापों ने उन्हें अपनी भूमि पर विदेशी बना दिया।’’

उन्होंने दावा किया, ‘‘हमारी बेटियों पर पाकिस्तान में आज भी अत्याचार किया जाता है। तीन तलाक विधेयक पर मोदी ने कहा कि उनकी सरकार केन्द्र में सरकार में आने के बाद इस प्रस्तावित कानून को पारित करवाने के लिए मजबूती से प्रयास करेगी।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘यदि कांग्रेस, एआईयूडीएफ एवं महामिलावट (अन्य विपक्षी दल) ने प्रयास भी किया तो भी वे कुछ नहीं कर पाएंगे (तीन तलाक विधेयक को नहीं रोक पाएंगे)। हमारी बेटियों को न्याय मिलेगा। लोकसभा के वर्तमान प्रथम चरण के मतदान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘जहां तक मुझे मिली सूचना के अनुसार आज हुए मतदान में हमारे पक्ष में बड़ी लहर देखने को मिली है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘लोगों ने तय कर दिया है तथा विपक्ष के लिए अस्तित्व बचा पाना मुश्किल होगा...असम में सभी पांच सीटों (जहां प्रथम चरण मंा मतदान हो रहा है) पर भाजपा एवं राजग जीतेगा। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने दार्जिलिंग के कलिम्पोंग में कहा कि उनकी पार्टी की सरकार यदि दोबारा बनी तो वह जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को निरस्त करेगी और देश भर में राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) की व्यवस्था लागू करेगी।

पश्चिम बंगाल के कलिम्पोंग में दार्जिलिंग लोकसभा सीट और उत्तर दिनाजपुर में रायगंज लोकसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशियों के पक्ष में चुनाव प्रचार करते हुए शाह ने तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी पर आरोप लगाया कि अपने अल्पसंख्यक वोट बैंक के ‘‘तुष्टीकरण’’ के लिए वह हवाई हमलों पर सवाल उठा रही हैं। शाह ने मांग की कि वह स्पष्ट करे कि क्या नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला की तरह वह भी जम्मू-कश्मीर में अलग प्रधानमंत्री बनाने के पक्ष में हैं।

दार्जिलिंग सीट से भाजपा उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे उद्योगपति राजू सिंह बिष्ट के पक्ष में प्रचार करते हुए शाह ने कलिम्पोंग में कहा, ‘‘केंद्र में भाजपा की अगली सरकार बनने के बाद हम कश्मीर से अनुच्छेद 370 निरस्त कर देंगे।’’

बांग्लादेश से आए अवैध प्रवासियों को ‘‘दीमक’’ करार देते हुए शाह ने रायगंज में एक अन्य रैली में कहा कि उनकी पार्टी केंद्र में लगातार दूसरी बार सत्ता में आने के बाद उन्हें निकाल बाहर करेगी। शाह ने आरोप लगाया कि अभी असम तक सीमित एनआरसी का पुरजोर विरोध कर रहीं ममता लोगों को ‘‘गुमराह’’ कर रही हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने के बाद भाजपा हर राज्य में एनआरसी लागू करेगी।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा, ‘‘एक-एक घुसपैठिये को निकाल बाहर करने के लिए देश भर में एनआरसी लाना हमारी प्रतिबद्धता है। ममता बनर्जी की तरह हम घुसपैठियों को अपना वोट बैंक नहीं समझते। हमारे लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोच्च है। हम सुनिश्चित करेंगे कि हर एक हिंदू और बौद्ध शरणार्थी को इस देश की नागरिकता मिले।’’

ममता ने कई बार दावा किया है कि एनआरसी से वाजिब भारतीय भी शरणार्थी बन जाएंगे। अवैध प्रवासियों की पहचान के लिए अभी असम में एनआरसी की व्यवस्था है और उसे लागू करने की प्रक्रिया चल रही है। एनआरसी पिछले साल तब काफी विवादों में घिर गया था जब इसके पूर्ण मसौदे में असम में दशकों से रह रहे करीब 40 लाख लोगों के नाम शामिल नहीं किए गए थे।

शाह ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार की दिलचस्पी सिर्फ अल्पसंख्यकों के तुष्टीकरण में है। भाजपा अध्यक्ष ने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस का मतलब ‘‘तुष्टीकरण, माफिया और चिट फंड’’ है। उन्होंने कहा, ‘‘अवैध प्रवासी दीमक की तरह हैं। वे गरीबों को मिलने वाले अनाज खा रहे हैं, वे हमारी नौकरियां छीन रहे हैं। टीएमसी के ‘टी’ का मतलब तुष्टीकरण, एम का मतलब ‘माफिया’ और ‘सी’ का मतलब ‘चिटफंड’ है।’’

उन्होंने भारतीय वायुसेना द्वारा पाकिस्तान के बालाकोट में किए गए हवाई हमले की ‘‘सत्यता पर सवाल’’ उठाने को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता की आलोचना की। शाह ने कहा कि वायुसेना के हमले से दो जगह मातम था - एक पाकिस्तान और दूसरा ममता बनर्जी के कार्यालय में...।

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में जैश-ए-मोहम्मद के आत्मघाती हमलावर के सीआरपीएफ के काफिले पर हमला करने के बाद यह कार्रवाई की गई थी। पुलवामा हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। शाह ने ममता पर हमला करते हुए कहा, ‘‘हमें पता चला है कि ममता बनर्जी हवाई हमले का मातम बना रही थीं। पाकिस्तान का हवाई हमले पर मातम मनाना समझ आता है लेकिन ममता बनर्जी क्यों मातम मना रही थीं? वह अल्पसंख्यक वोट बैंक को लुभाने के लिए मातम मना रही थीं। यह शर्मनाक है।’’

ममता बनर्जी द्वारा प्रस्तावित महागठबंधन पर निशाना साधते हुए शाह ने कहा कि उन्हें हैरत होती है कि कांग्रेस और माकपा क्यों तृणमूल की आलोचना कर रहे हैं जबकि वह उनके सहयोगी हैं। शाह ने राज्य में 42 में से 23 सीटों पर जीत दर्ज करने का लक्ष्य रखा है। 2014 आम चुनाव में भाजपा यहां केवल दो सीटें जीत पाई थी।

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