Follow us on
Tuesday, June 25, 2019
World

पाकिस्तानी सीनेट की समिति ने आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई पर सरकार से रिपोर्ट मांगी

April 14, 2019 08:25 AM

कराची (भाषा) - पाकिस्तानी सीनेट की एक समिति ने हजारा समुदाय के लोगों की हत्या में शामिल आतंकवादियों एवं प्रतिबंधित संगठनों के खिलाफ की गई कार्रवाई पर आंतरिक मामलों के मंत्रालय से शनिवार को एक रिपोर्ट तलब की। यह रिपोर्ट ऐसे समय में मांगी गई है जब शुक्रवार को ही बलूचिस्तान प्रांत में अल्पसंख्यक शिया समुदाय को निशाना बनाकर किए गए एक फिदायी हमले में 21 लोगों की मौत हो गई।

आंतरिक मामलों से जुड़ी सीनेट की स्थायी समिति की एक बैठक में शुक्रवार को बलूचिस्तान में हुए दो जानलेवा आतंकी हमलों को काफी गंभीरता से लिया गया। पहले हमले में प्रांतीय राजधानी क्वेटा के हजारगंज बाजार में एक फिदायी बम हमलावर ने बम विस्फोट कर खुद को उड़ा लिया, जिसमें करीब 21 लोग मारे गए और 60 अन्य जख्मी हो गए। मृतकों में हजारा शिया समुदाय के 10 लोग शामिल थे। इस हमले में दो बच्चे और सुरक्षाकर्मी भी मारे गए थे।

चमन में शाम को हुए दूसरे हमले में आतंकवादियों ने मॉल रोड पर खड़ी एक मोटरसाइकिल में एक आईईडी डाल दी। इसमें विस्फोट के कारण दो लोग मारे गए और 10 लोग जख्मी हो गए। यह धमाका उस वक्त हुआ जब फ्रंटियर कोर का एक वाहन घटनास्थल के पास से गुजर रहा था।

बाद में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने हजारगंज धमाके की जिम्मेदारी ली। इसमें कहा गया कि इस धमाके को प्रतिबंधित संगठन लश्कर-ए-झंगवी के साथ मिलकर अंजाम दिया गया, लेकिन संगठन ने इसकी पुष्टि नहीं की है। लश्कर-ए-झंगवी एक सुन्नी आतंकवादी संगठन है, जिसने पाकिस्तान में शिया समुदाय के खिलाफ कई जानलेवा हमलों की जिम्मेदारी ली है। इसमें क्वेटा में 2013 में हुए धमाके भी शामिल हैं जिनमें 200 से ज्यादा हजारा शिया मारे गए थे।

सीनेट की समिति ने बलूचिस्तान में हालिया दिनों में रिहा किए गए प्रतिबंधित संगठनों के सदस्यों के बारे में भी जानकारी मांगी। समिति के अध्यक्ष सीनेटर रहमान मलिक ने कहा कि ‘‘दुश्मन पड़ोसी और अन्य बाहरी ताकतों’’ की संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता, क्योंकि ऐसे धमाके सांप्रदायिक झड़पें भड़काने और पाकिस्तान को अस्थिर करने की साजिश नजर आती है।

इस बीच, हजारा समुदाय के लोग क्वेटा में मुख्य वेस्टर्न बाइपास रोड पर धरने पर बैठे हैं। उनका कहना है कि कानून प्रवर्तन एजेंसियां उन्हें सुरक्षा मुहैया कराने में बार-बार नाकाम हुई हैं।

Have something to say? Post your comment
 
More World News
अमेरिका ने ड्रोन गिराए जाने के बाद ईरान पर साइबर हमला किया
मजबूत संबंधों के लिए उत्तर कोरिया ने चीन को दिया औपनिवेशिक शासन का हवाला
ईस्टर हमले को लेकर श्रीलंकाई पुलिस के नौ अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक जांच
ट्रंप से वार्ता से पहले किम से मिलने उत्तर कोरिया पहुंचे चीनी राष्ट्रपति
श्रीलंका ने अपना पहला उपग्रह अंतरिक्ष में भेजा
चीन में भूकम्प से 12 लोगों की मौत, 100 से अधिक घायल
ट्रंप से मुलाकात से पहले चीनी राष्ट्रपति जाएंगे उत्तर कोरिया
इजराइल के प्रधानमंत्री की पत्नी सरकारी धन के दुरुपयोग की दोषी
ट्रंप ने टैंकर हमलों के लिए ईरान को दोषी ठहराया लेकिन वार्ता की अपील की
श्रीलंका में धमाकों के मामले में पांच संदिग्धों को सऊदी अरब से वापस लाया गया