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Tuesday, June 25, 2019
Haryana

करनाल में आईटीआई छात्रों पर बर्बरता से राज्य सरकार का चेहरा सामने आया

April 14, 2019 08:31 AM
Jagmarg News Bureau

चंडीगढ़ - करनाल में आईटीआई छात्रों पर पुलिस की बर्बरता के बाद अब सीएम मनोहर लाल खट्टर सीधे विपक्षी पार्टियों के निशाने पर आ गए हैं। राज्यसभा सांसद कुमारी सैलजा ने तो सीधेत् ाौर पर इसके लिए सीएम मनोहर लाल को जिम्मेदार ठहराया है। उनका आरोप है कि सीएम सिटी में छात्र व छात्राओं पर ऐसी बर्बरता सीएम मनोहर लाल के आदेश के बिना नहीं हो सकती। उन्होंने पूरे मामले की जांच के साथ ही छात्रों पर निर्ममता से लाठियां बरसाने वाले पुलिस कर्मियों व लाठीचार्ज का आदेश देने वाले अधिकारियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की मांग की है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा ने कहा कि हादसे में एक सहयोगी छात्र की मौत के बाद पूरा मामला बिगड़ा। इस मामले में हवा देने में पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की अहम भूमिका रही। उन्होंने कहा कि अगर अफसर संयम से काम लेते तो शायद ये नौबत न आती। सैलजा ने कहा कि जिस तरह पुलिस ने छात्र-छात्राओं पर निर्ममता दिखाई उससे साफ जाहिर है कि सरकार के आदेशों पर ही लाठीचार्ज के आदेश दिए गए। उन्होंने कहा कि इस घटना में कई छात्र-छात्राएं जख्मी हुई हैं। पुलिस ने बेरहमी से सभी को पीटा फिर गिरफ्तार कर उन्हें थानों में बंद कर दिया। उन्होंने कहा कि स्थिति साफ है कि सरकार पूरी तरह बौखला गई है। इसी वजह से छात्रों को निशाना बनाया जा जा रहा है।

पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों पर हो कार्रवाई

सैलजा ने कहा कि घटना के लिए सीधेतौर पर सीएम मनोहर लाल जिम्मेदार हैं। मगर जानबूझकर वो तो इसकी जिम्मेदारी नहीं लेंगे। ऐसे में छात्रों को उकसाने वाले प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही बेरहमी से लाठियां बरसाने वाले पुलिस कर्मियों को भी सजा मिलनी चाहिए ताकि प्रदेश में फिर दोबारा ऐसी घटना न हो। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों का दमन करने में जुटी है। उन्हें अपने हक की आवाज उठाने की भी इजाजत नहीं दी जा रही है। मासूम छात्रों पर झूठे केस दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जा रहा है। सैलजा ने छात्रों के खिलाफ दर्ज केस को कैंसिल कर उन्हें तुरंत रिहा करने की भी मांग की है।

कहां गया बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान

पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा ने कहा कि जो पुलिस कर्मचारी प्रदेश की बेटियों पर बेरहमी से लाठियां बरसा रहे थे क्या उन्हें सरकार के बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की जानकारी नहीं थी। सैलजा ने कहा कि सरकार ऐसे झूठे नारों से सिर्फ लोगों को गुमराह कर रही है। जिस तरह बेटियों को निशाना बनाया गया उससे नारे की हकीकत भी सबके सामने हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस जघन्य घटना का डटकर विरोध करती है। सीएम को भी नैतिकता के आधार पर मामले की जांच के आदेश देकर उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए जोकि इसके लिए जिम्मेदार हैं।

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