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Tuesday, June 25, 2019
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पचास प्रतिशत मतदान पर्चियों का मिलान ईवीएम से कराने की मांग पर न्यायालय का रुख करेंगे विपक्षी दल

April 15, 2019 06:55 AM

नयी दिल्ली (भाषा) - ईवीएम की विश्वसनीयता पर संदेह जताते हुए कई विपक्षी दलों ने रविवार को कहा कि कम से कम 50 प्रतिशत मतदान पर्चियों का मिलान ईवीएम से कराए जाने की मांग को लेकर वे उच्चतम न्यायालय का रुख करेंगे।

लोकतंत्र बचाओ का आह्वान करते हुए कांग्रेस, तेदेपा, सपा और भाकपा सहित विभिन्न विपक्षी दलों ने संयुक्त रूप से एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया। दलों ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता के मुद्दे तथा मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा को रेखांकित किया।

दिल्ली के मुख्यमंत्री एवं आप नेता अरविंद केजरीवाल ने भाजपा पर लोकसभा चुनाव जीतने के लिए ईवीएम की प्रोग्रामिंग करने का आरोप लगाया।  आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि 21 दलों ने 50 प्रतिशत मतदान पर्चियों के सत्यापन की मांग की है।

नायडू ने शनिवार को मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा से मुलाकात कर ईवीएम गड़बड़ी का मामला उठाया था। राजनीतिक दलों की यह मांग चुनावी मौसम के मध्य में आयी है। लोकसभा चुनाव सात चरणों में हो रहे हैं और पहले चरण का चुनाव 11 अप्रैल को हो चुका है।

केजरीवाल ने दावा किया कि ईवीएम और चुनावी प्रक्रिया में लोगों का भरोसा कम हो रहा है। वे देश के लोकतांत्रित ढांचे पर सवाल उठा रहे हैं। कांग्रेस नेताओं और वरिष्ठ अधिवक्ताओं कपिल सिब्बल और अभिषेक सिंघवी ने भी सम्मेलन में भाग लिया। कांग्रेस नेता सिंघवी ने कहा कि विपक्षी दल हर विधानसभा क्षेत्र में कम से कम 50 प्रतिशत मतदान पर्चियों का मिलान ईवीएम से कराए जाने का निर्देश देने की मांग करते हुए उच्चतम न्यायालय का रुख करेंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर चुनाव आयोग इस मुद्दे की अनदेखी करता है तो हम अन्य कदम उठाएंगे। हम शांत नहीं बैठेंगे। हम उच्चतम न्यायालय से संपर्क करेंगे। सिंघवी ने कहा कि विपक्षी दल ईवीएम में गड़बड़ी के मुद्दे पर देशव्यापी अभियान चलाएंगे।

सिंघवी ने आरोप लगाया, ‘‘पहले चरण के चुनाव के बाद सवाल उठने लगे। हमें नहीं लगता कि ईवीएम में गड़बड़ी के मुद्दे के निपटारे के लिए चुनाव आयोग पर्याप्त कदम उठा रहा है।

आयोग के इरादों पर सवाल उठाते हुए सिब्बल ने कहा, ‘‘चुनाव आयोग 50 प्रतिशत मतदान पर्चियों का मिलान क्यों नहीं चाहता। आज 20-25 प्रतिशत ईवीएम ठीक से काम नहीं कर रहे। लोग चार बजे सुबह तक वोट देंगे और कतारबद्ध होकर प्रतीक्षा करेंगे। इसका क्या यह अर्थ है।’’

उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को चुनाव आयोग को निर्देश दिया कि लोकसभा चुनावों के लिए वीवीपैट पर्चियों के ईवीएम से मिलान को प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक मतदान केन्द्र से बढ़ाकर पांच केन्द्र में किया जाए। शीर्ष अदालत ने कहा कि इससे चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता बढ़ेगी।

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