Follow us on
Wednesday, July 08, 2020
India

कठुआ दुष्कर्म मामले में सोमवार को आ सकता है फैसला

June 10, 2019 09:50 AM
Jagmarg News Bureau

पठानकोट (भाषा) - जम्मू कश्मीर के कठुआ में बंजारा समुदाय की आठ साल की बच्ची के साथ बलात्कार और उसकी हत्या के मामले में यहां एक विशेष अदालत सोमवार को फैसला सुनाएगी। देश को स्तब्ध कर देने वाले इस मामले में बंद कमरे में सुनवाई तीन जून को पूरी हुई। तब जिला और सत्र न्यायाधीश तेजविंदर सिंह ने घोषणा की थी कि 10 जून को फैसला सुनाया जा सकता है।

अधिकारियों ने रविवार को कहा कि कठुआ में फैसला सुनाये जाने के मद्देनजर अदालत और उसके आसपास कड़े सुरक्षा बंदोबस्त किये गये हैं। उन्होंने कहा कि हालात पर करीब से नजर रखी जाएगी। पंद्रह पन्नों के आरोपपत्र के अनुसार पिछले साल 10 जनवरी को अगवा की गयी आठ साल की बच्ची को कठुआ जिले के एक गांव के मंदिर में बंधक बनाकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया। उसे चार दिन तक बेहोश रखा गया और बाद में उसकी हत्या कर दी गयी।

मामले में रोजाना आधार पर सुनवाई पड़ोसी राज्य पंजाब के पठानकोट में जिला और सत्र अदालत में पिछले साल जून के पहले सप्ताह में शुरू हुई थी। उच्चतम न्यायालय ने मामले को जम्मू कश्मीर से बाहर भेजने का आदेश दिया था जिसके बाद जम्मू से करीब 100 किलोमीटर और कठुआ से 30 किलोमीटर दूर पठानकोट की अदालत में मामले को भेजा गया।

शीर्ष अदालत का आदेश तब आया जब कठुआ में वकीलों ने अपराध शाखा के अधिकारियों को इस सनसनीखेज मामले में आरोपपत्र दाखिल करने से रोका था। इस मामले में अभियोजन दल में जे के चोपड़ा, एस एस बसरा और हरमिंदर सिंह शामिल थे।

अपराध शाखा ने इस मामले में ग्राम प्रधान सांजी राम, उसके बेटे विशाल, किशोर भतीजे तथा उसके दोस्त आनंद दत्ता को गिरफ्तार किया था। इस मामले में दो विशेष पुलिस अधिकारियों दीपक खजुरिया और सुरेंद्र वर्मा को भी गिरफ्तार किया गया। सांजी राम से कथित तौर पर चार लाख रुपये लेने और महत्वपूर्ण सबूतों को नष्ट करने के मामले में हैड कांस्टेबल तिलक राज एवं एसआई आनंद दत्ता को भी गिरफ्तार किया गया।

जिला और सत्र न्यायाधीश ने आठ आरोपियों में से सात के खिलाफ दुष्कर्म और हत्या के आरोप तय किये हैं। किशोर आरोपी के खिलाफ मुकदमा अभी शुरू नहीं हुआ है और उसकी उम्र संबंधी याचिका पर जम्मू कश्मीर उच्च न्यायालय सुनवाई करेगा।

अगर आरोपियों को दोषी करार दिया जाता है तो उन्हें कम से कम उम्रकैद और अधिकतम मौत की सजा सुनाई जा सकती है।

Have something to say? Post your comment
 
More India News
अमेरिका औपचारिक रूप से विश्व स्वास्थ्य संगठन से अलग हुआ पत्रकार की आत्महत्या मामले की जांच की मांग भारत में कोविड-19 के मामलों की संख्या सात लाख के पार दिल्ली की अदालत ने निजामुद्दीन मरकज मामले में 122 मलेशियन नागरिकों को दी जमानत सीबीएसई ने 9वीं से 12वीं का पाठ्यक्रम 30 फीसदी घटाया केजरीवाल की अस्पतालों से अपील, कोविड-19 से स्वस्थ लोगों को प्लाज्मा दान करने के लिए प्रोत्साहित करें गलवान घाटी से पीछे हटते दिखी चीनी सेना - सूत्र भारत में कोविड-19 के मामलों की संख्या सात लाख के निकट भारत में कोविड-19 जांचों की संख्या एक करोड़ के पार संवेदनशील जानकारी पाने के लिए दविंदर सिंह को पाकिस्तान ने किया था तैयार - एनआईए चार्जशीट