Follow us on
Sunday, June 16, 2019
Haryana

कौशल्या, घग्गर और झाझरा नदी पर मंजूर 8 मिनी हाइड्रो प्राजेक्ट्स रद्द

June 11, 2019 09:46 AM
Jagmarg News Bureau

पंचकूला - केंद्र और राज्य सरकार ने 8 मिनी हाइड्रो प्राजेक्ट्स रद्द कर दिया है। यह खुलासा विजय बंसल की शिकायत पर आरटीआई से मिली जानकारी से हुआ है। प्रदेशाध्यक्ष शिवालिक विकास मंच व वरिष्ठ कांग्रेस नेता विजय बंसल ने प्रधानमंत्री भारत सरकार को ज्ञापन भेज कर मांग की थी कि हरियाणा में मिनी हाइड्रो प्राजेक्ट्स में करोड़ों के घोटाले की निष्पक्ष जांच ककी जाए।

हरियाणा रेनियुएबल एनर्जी डिवेलप्मेंट एजेन्सी ने कौशल्या, घग्गर और झाझरा नदी पिंजौर जिला पंचकूला हरियाणा पर 8 मिनी हाइड्रो प्राजेक्ट्स मंजÞूर किए थे। यह प्राजेक्ट्स जोकि बिजली उत्पादन के उदेशय से हरियाणा में रेन्यूएबल ऊर्जा साधनो द्वारा 7 प्रोजेक्ट 100-100 किलो वाट के तथा 1 प्रोजेक्ट 800 किलो वाट का मंजूर कर निर्माण करने का निर्णय लिया था। यह 8 मिनी हाइड्रो प्राजेक्ट्स के लगने के पश्चात निर्माणकर्ताओ को 10 करोड़ की सब्सिडी मिलनी थी।

जबकि कौशल्या नदी पर सिंचाई बांध लगावा है और यह बरसाती नाला है। हाल ही में हरियाणा विजिलेस ब्यूरो की एसआईटी ने कौशल्या सिंचाई बांध के निर्माण में 155 करोड़ का घोटाला पाया था, जिसमें 25 अधिकारियों को दोषी पाया गया था। क्योंकि इस नदी में पानी नहीं है। इस सौर ऊर्जा योजना 2016 का संचालन मुख्यमंत्री द्वारा किया गया तथा मुख्यमंत्री ने बिना किसी तकनीकी सलाह एवं बिना किसी जानकारी से मंजÞूर कर दिया था। इस अधोग कमेटी के 2 सदस्य देवआशीष मजूमदार एवं एमएस पूरी दोनो बाहरी राज्यों से सम्बंध रखते है

तथा यह आरएसएस के सक्रिय सदस्य है तथा हरियाणा के हितो से कोई लेनदेन नही है। साथ ही देवआशीष मजूमदार के सुपुत्र हरियाणा के मुख्यमंत्री के आईटी सलाहकार भी है ।

यह मिनी हाइड्रो प्राजेक्ट्स 35 वर्ष के लिए लगने थे। इस नदी पर पानी ही नही है और सभी तकनीकी सलाहकारों द्वारा कहा गया है कि इस नदी पर जनता का पैसा बर्बाद किया गया है। क्योंकि इस नदी में इतना पानी ही नहीं है। 2017 के आदेशों में इस अधोग कमेटी के दोनो सदस्य देवआशीष मजूमदार एवं एमएस पूरी ने चेयरमैन की असहमति के बावजूद भी सुप्रीम कोर्ट, विभिन्न आदेशोंव पूर्व अभ्यासों की अवमानना करते हुए इन मिनी हाइड्रो परियोजनाओं को मंजÞूरी दी थी, इन आठों मिनी हाइड्रो प्राजेक्ट्स के टेंडर हेतु किसी भी राष्टीय अखबार में विज्ञापन नहीं दिया। केवल निजी अखबारो में दिया था।

लेकिन कर्मचारियों व नेताओ की नियत निजी स्वार्थ की थी और अपने निजी फायदे के लिए अपनी कंपनियो को ठेका देने के लिए राष्टीय व अंतर राष्टीय स्तर पर कोई विज्ञापन नहीं दिया।

विजय बंसल ने कहा कि 20 अप्रेल 2016 को मिनी हाइड्रो प्राजेक्ट्स के लिए हरेडा व सिंचाई विभाग से स्वीकृति ले ली गई। यह हाइड्रो प्रोजेक्ट नगर निगम पंचकूला की भूमि पर लगने थे। हरियाणा नगर निगम एक्ट 1994 की धारा 164 (बी) के अनुसार नगर निगम की भूमि को किराए पर, लीज पर, बेचने हेतु सरकार की मंजÞूरी पर नगर निगम के पार्षद, मेयर की स्वीकृति लेना आवश्यक है परंतु इस मामले में इनकी स्वीकृति नहीं ली गई। साथ ही नियमो का उल्लघन करके इस परियोजना को मंजÞूरी दे दी।

नगर निगम पंचकूला की बैठक 5 सितम्बर 2016 को हुई जिसमें सर्व सम्मिति से इस परियोजना को अस्वीकृति दे दी थी व निदेशक स्थानीय निकाय विभाग हरियाणा को प्रस्ताव की प्रति भेज दी। परंतु अधिकारियों व सरकार की मिली भगत के चलते अधीक्षक अभियंता नगर निगम ने 8 सितम्बर 2016 को इसी सम्बंध में निदेशक स्थानीय निकाय विभाग को पत्र भेज दिया बल्कि प्रेषित रजिस्टर के अनुसार उसे 5 सितम्बर में दिखाया गया है जबकि यह पत्र 8 सितम्बर को प्रेषित करा गया है।

Have something to say? Post your comment
 
More Haryana News
अवैध खनन मामले को लेकर उपायुक्त ने मांगी रिपोर्ट
बीरबल दास ढालिया इनेलो पार्टी के प्रदेश प्रदेशाध्यक्ष पिजौर के पास दिल्ली से शिमला जा रही वॉल्वो बस में लगी आग
हरियाणा में पंचायती राज संस्थानों को और अधिक किया जाएगा सुदृढ़ - मनोहर लाल
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने दिए प्रदेश में लू, सूखे एवं बाढ़ से निपटने के लिए निर्देश
जिला में अवैध खनन रोकने के लिये प्रभावी तरीके से करे कार्य - डॉ. बलकार सिंह
योग हमे स्वस्थ रखने के साथ साथ तनाव से रखता मुक्त - ज्ञान चन्द गुप्ता
केंद्रीय मंत्री नीतिन गडकरी व मुख्यमंत्री मनोहर लाल की दिल्ली में हुई बैठक
लोकसभा चुनाव के रूप में हमारी हुई एक परीक्षा - मनोहर लाल
प्रदेश में एमरजेंसी रिस्पोंस सर्विस मुहैया करवाने के लिए होगी एम्बूसाइकिल सेवा शुरू