Follow us on
Sunday, August 18, 2019
BREAKING NEWS
अच्छे लोगों का भाजपा में स्वागत - अमित शाहकश्मीर में फोन लाइनें सप्ताहांत तक बहाल हो जाएंगी, स्कूल अगले हफ्ते खुलेंगे - मुख्य सचिवदेशवासियों ने जो काम दिया, हम उसे पूरा कर रहे हैं - मोदीमोदी ने चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ की घोषणा की, जनसंख्या नियंत्रण और एक राष्ट्र, एक चुनाव पर दिया जोरजम्मू कश्मीर में मीडिया पर पाबंदियां हटाने के मसले पर न्यायालय ने कहा,हम कुछ समय देना चाहते हैंजापान के सॉफ्टबैंक ग्रुप ने कैप्टन अमरिन्दर सिंह के साथ रियल एस्टेट सैक्टर में निवेश योजना सांझी कीमनाली में स्थापित की जाने वाली अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा की आधारशिलाप्रदेश के सरकारी अस्पतालों की मिली 30 बेसिक लाईफ सेविंग एंबुलेंस गाड़ियां
Chandigarh

बोरवेल में गिरने से बुझ गया घर का इकलौता चिराग, मौत की आंच पहुंची चंडीगढ़

June 12, 2019 10:13 AM

चंडीगढ़ (दिग्विजय मिश्रा) - संगरूर जिले के गांव भगवानपुरा के 140 फीट गहरे बोरवेल में गिरे दो वर्षीय बच्चे फतेहवीर सिंह को मंगलवार सुबह करीब सवा पांच बजे बोरवेल से प्रशासन द्वारा लगाई गई टीमें निकाल तो ली लेकिन तब तक घर का इकलौता चिराग बुझ चुका था, बच्चे को बोरवेल से निकालाते ही फौरन एंबुलेंस से डीएमसी अस्पताल ले जाया गया। जहां से उसे चंडीगढ़ पीजीआइ रेफर कर दिया गया। पीजीआइ में मौजूद डाक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया।

वहीं दूसरी तरफ डाक्टरों द्वारा बच्चे को मृत घोषित करते ही हजारों की सं या में इकठ्ठा हुए लोंगो ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर जमकर बवाल काटा। मौके पर मौजूद अस्पताल के लोंगो ने मामले की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम में दी। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह लोंगो को समझाबुझा कर शांत कराया।

वहीं लोंगो का गुस्सा देखते हुए मृतक फतेहवीर के शव का पोस्टमोर्टम कर शव को पीछे की गेट से निकल कर हेलीकॉप्टर से सुनाम ले जाया गया जहां गांव शेरों के शमशानघाट में उसका अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम क्रिया के दौरान भारी भीड़ में लोग उपस्थित रहे। और बच्चे की मौत की खबर सुनते ही बच्चे की मां बेहोशी हालत में है और परिवार का भी बुरा हाल है। पीजीआइ में अकाली नेता परमिंदर सिंह ढी़ंढसा सहित कई नेता भी पहुंचे हैं तो पंजाब के मु यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बच्चे की मौत पर दुख व्यक्त किया है।

पोस्टमार्टम में खुलासा पहले हो गई थी मौत

वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने के बाद खुलासा हुआ कि फतेहवीर की मौत कुछ दिन पहले ही हो गई थी। पीजीआई की तरफ से जारी रिपोर्ट में बताया गया है कि जब बच्चे को पीजीआई में लाया गया तो उसकी नाड़ी नहीं चल रही थी। हार्ट में कोई गतिविधि नहीं थी, इसलिए बच्चे को मृत घोषित कर दिया गया था। पुलिस के कहने पर पोस्टमार्टम किया गया। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों के पैनल में डॉ. वाईएस बंसल और डॉ सेंथिल कुमार थे। पोस्टमॉर्टम सुबह 11.15 बजे पूरा हुआ। बच्चे को सुबह 7.25 बजे पेडियाट्रिक इमरजेंसी वार्ड में लाया गया था।

शव को पीछे के गेट से निकाला गया

लोंगो ने मोर्चरी के बाहर जमकर प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जिसे देखते हुए फतेहवीर के शव का पोस्टमोर्टम होने के बाद शव को पीछे की गेट से निकला गया। पोस्टमार्टम लगभग दो घंटे तक चलने के बाद फाइनल हुआ था।

नेता पहुंचे तो लोंगो ने किया विरोध

वहीं मामले में जब पीजीआई के अंजर शिरोमणि अकाली दल के नेता परमिंदर सिंह ढींढसा सहित कई नेता पहुंचे तो वहां पर मौजूद लोंगो ने काफी विरोध किया और वहां से जाने को कहा। लोगों ने चीमा के खिलाफ नारेबाजी की और चीमा से पूछा कि पिछले पांच दिनों से तो नजर नहीं आए और अब राजनीति चमकाने आ गए।

रैस्क्यू आपरेशन का नहीं चला जादू, देसी जुगाड़ ही आया काम

बता दें कि वीरवार शाम साढ़े चार बजे भगवानपुरा गांव में दो वर्षीय फतेहवीर सिंह नौ ईंच चौड़े व 140 फीट गहरे बोरवेल में गिरने के बाद से बेशक छठे दिन की सुबह तक रेस्क्यू आपरेशन लगातार जारी रहा, लेकिन अंत में फतेहवीर सिंह को बोरवेल के माध्यम से रस्सी से खींचकर ही बाहर निकाला जा सका। इसमें देसी जुगाड़ का अहम रोल रहा। गांव मंगवाल के गुरिंदर सिंह नामक व्यक्ति ने एक कुंडी नुमा सरिया का प्रयोग कर फतेहवीर सिंह के चारों तरफ फंसी बोरी को धीरे-धीरे हटाया और उसे बाहर निकालने में आ रही रुकावट को दूर किया गया। इसके बाद एनडीआरएफ की टीम ने फतेहवीर सिंह को खींचकर बोरवेल से बाहर निकाला। गौर हो कि गुरिंदर सिंह सबमर्सिबल पंप की बोरवेल से मोटरें निकालने का काम करता है व पहले दिन भी उसने मौके पर पहुंचकर प्रशासन से इस विधि का प्रयोग करने की अपील की थी, लेकिन इसे गंभीरता से नहीं लिया गया।

कैसे गिरा बच्चा बोरवेल में

फतेहवीर के परिजन खेतों में काम कर रहे थे और वह खेल रहा था। खेलते-खेलते खेत के बीच दस वर्ष पुराने बोरवेल जिसे परिवार वालों ने प्लास्टिक की बोरी से ढका हुआ था बच्चा वहां जा पहुंचा। अचानक बच्चे का पांव बोर पर आ गया और बोर पर लगी बोरी से नीचे चला गया। जब तक बच्चे के परिजन उसे बचाने के लिए भागे व गहराई तक जा चुका था।

बोरवेल में इस साल की चर्चित घटनाएं

- 21 फरवरी, 2019 : महाराष्ट्र के पुणे में 200 फुट गहरे बोरबेल के बीच 10 फुट की गहराई में फंसे 6 साल के बच्चे को 13 घंटे चले रेस्क्यू आपरेशन के बाद एनडीआरएफ ने सकुशल बाहर निकाल लिया।

- 21 मार्च, 2019 : हिसार के गांव बलसामंद में बोरबेल में 60 फीट नीचे गिरे डेढ़ साल के बच्चे नदीम को 47 घंटे बाद सुरक्षित निकाला।

- 13 अप्रैल, 2019 : मथुरा जिले के अगरयाला गांव में पांच साल के बच्चे को 100 फुट गहरे बोरबेल से एनडीआरएफ की टीम ने सुरक्षित निकाला गया।

Have something to say? Post your comment
 
More Chandigarh News
सेक्टर-22 में दो बहनों का मर्डर, पुलिस ने 24 घंटे के अंदर किया हत्यारे को गिरफ्तार
प्रशासक ने परेड ग्राऊंड में फहराया तिरंगा, गिनाईं उपलब्धियां
पीजीआई के नए नेहरू अस्पताल में 16 अगस्त से होगा ट्रायल शुरू
ईद-उल-अजहा के मौके पर मस्जिदों में नमाज अदाकर सबकी खुशियों की दुआ मांगी
एलांते मॉल में बम की सूचना से दहशत, चार घंटे तक चला सर्च ऑपरेशन
चंडीगढ़ में आज से डीलर प्वांइट पर मिलेगी वाहनों की आरसी
रक्षाबंधन को लेकर बाजार में बढ़ी रौनक, बहनें खरीद रही राखियां
चंडीगढ़ पुलिस ने 15 अगस्त को लेकर शहर में चलाया विशेष अभियान
सीएचबी ने डड्डूमाजरा कालोनी में तोड़े अवैध निर्माण
ब्लॉगर्स एलाएंस की दिलचस्प यात्रा शुरू