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Wednesday, November 20, 2019
Chandigarh

स्कूलों की मैंटेनेंस के मामले को लेकर जल्द शिक्षा विभाग करेगा इंजीनियरिंग विभाग से मीटिंग

July 08, 2019 06:37 AM

चंडीगढ़ (सोनिया अटवाल) - शहर के स्कूलों को अपग्रेड करने और आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से भरसक प्रयास किए जा रहे हैं। लेकिन दूसरी ओर शहर में बहुत से स्कूल ऐसे हैं, जहां कई सालों से मेंटेनेंस को लेकर कोई काम नहीं किया गया है। वहीं मैंटेनेंस के काम की सारी जिम्मेदारी इंजीनियरिंग विभाग को सौंपी गई हैं, लेकिन विभाग ने अब तक इस संबंध में कोई काम नहीं किया है। जिसके चलते मामले की गंभीरता को देखते हुए अब जल्द ही शिक्षा विभाग इंजीनियरिंग विभाग के साथ मीटिंग करके स्कूलों की मरमम्त का काम न किए जाने के कारणों को जानेगा। वहीं अधिकारियों का कहना है कि अगर इंजीनियरिंग विभाग इस संबंध में काम नहीं कर सकता, तो शिक्षा विभाग यह काम खुद करेगा।

गौरतलब है कि शहर के कई सरकारी स्कूल इतनी खस्ता हालत में हैं, जहां कभी भी कोई गंभीर हादस हो सकता है। इतना ही नहीं कई स्कूलों की जर्जर हो चुकी इमारतों को सालों से रिपेयर नहीं किया गया है, जिस वजह से हजारों बच्चों की जानों को खतरा है।

कई वर्षों से नहीं हुई स्कूलों की मैनटेनेंस:

शहर में कई स्कूल ऐसे है जिनकी मैनटेनेंस हुए कई वर्ष बीत गए है। मैनटेनेंस ना होने की वजह से स्कूलों की हालत झर्जर बनी हुई है। इस बात की जानकारी विभाग को है या नहीं लेकिन विभाग ने अपने स्कूलों की हालत को जानने का प्रयास भी नहीं किया।

बैंच से लेकर ब्लैकबोर्ड है टूटे हुए:

जहां एक ओर स्कूलों की ईमारत झर्जर बनी हुई है वहीं दूसरी ओर कई स्कूलों के अंदर की हालत भी ठीक नहीं है। क्लासरूम में बने ब्लैकबोर्ड से लेकर बैंचों की हालत भी ठीक नहीं है। स्कूलों में टूटे हुए बैंच पर बच्चे बैठने के लिए मजबूर है।

सीलन की वजह से दीवरों में आई तरेड़:

कालौनी नंबर 4 में बने सरकारी स्कूल का हाल इस समय बहुत खराब बना हुआ है। मानसून ने लगभग शहर में दस्तक दे दी है। ऐसे में शहर में बारिश का दौर अब चलेगा, स्कूल में जिस ओर देखो उसी ओर दीवारों पर सीलन साफ देखी जा सकती है। सीलन की वजह से दीवारों पर तरेड़े आ चुकी है जो बड़े हादसे को न्यौता दे रही है।

स्कूलों की बिल्डिंगों की मर मत को लेकर हमारे विभाग के कई अधिकारी इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट को लेटर लिख चुके हैं। जल्द ही इस मामले को लेकर अपडेट जानने के लिए हम इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। जिसमें उनसे कहा जाएगा कि अगर वे स्कूलों की मेंटेनेंस का काम पूरा नहीं कर सकते हैं, तो हमें इस काम को हैंडओवर कर दें - बी.एल.शर्मा, एजूकेशन सैक्रेटरी

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