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Monday, September 16, 2019
Politics

अयोध्या पर सुनवाई के दौरान उच्चतम न्यायालय ने कहा, शीर्ष न्यायालय को देश का शीर्ष न्यायालय रहने दें

August 08, 2019 07:21 AM

नयी दिल्ली (भाषा) - राजनीतिक दृष्टि से संवेदनशील ‘राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद’ मामले की सुनवाई के दौरान बुधवार को एक वकील के हस्तक्षेप करने पर उच्चतम न्यायालय ने नाराजगी जाहिर की। जब एक वकील ने अपनी बारी आए बगैर कुछ कहने की कोशिश की, तब प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने कहा, ‘‘देश के इस शीर्ष न्यायालय को किसी अन्य चीज में तब्दील नहीं करें। इसे देश का शीर्ष न्यायालय ही रहने दें।’’

न्यायालय ने यह टिप्पणी उस वक्त की गई, जब पीठ निर्मोही अखाड़े का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता सुशील जैन को अयोध्या में विवादित स्थल पर कब्जे को लेकर दावे के समर्थन में साक्ष्य का जिक्र करने को कह रही थी।

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