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Tuesday, August 11, 2020
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क्वेटा मस्जिद धमाके की आईएसआईएस ने ली जिम्मेदारी, इमरान ने मांगी तत्काल रिपोर्ट

January 12, 2020 08:27 AM

इस्लामाबाद (भाषा) - पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने जुमे की नमाज के दौरान क्वेटा की एक मस्जिद में हुए विस्फोट पर शनिवार को तत्काल रिपोर्ट मांगी और इस घटना को निंदनीय “कायराना आतंकवादी हमला” करार दिया है।

आतंकी संगठन आईएसआईएस ने मस्जिद के अंदर हुए इस आत्मघाती हमले की जिम्मेदारी ली है। उसने आईएस पाकिस्तान टेलीग्राम चैनल पर और कुछ विदेशी समाचार एजेंसियों पर पोस्ट किए अपने संदेश में कहा कि उसने कुछ अफगान तालिबान सदस्य को निशाना बनाते हुए यह हमला किया।

तालिबान प्रवक्ता क्वारी मुहम्मद युसूफ ने इस बात से इनकार किया है कि मस्जिद के अंदर कोई अफगान तालिबान सदस्य मौजूद था। बलोचिस्तान सरकार के प्रवक्ता लियाकत शाहवानी ने एक बयान में कहा कि इस आत्मघाती विस्फोट में 16 लोग मारे गए और 19 अन्य घायल हो गए। घटना के वक्त करीब 60 लोग शाम की नमाज अदा कर रहे थे।

इस घातक विस्फोट से तीन दिन पहले क्वेटा में हुए बम धमाके में दो लोगों की जान चली गई थी। विस्फोट की ताजा घटना पर अपनी प्रतिक्रिया में राष्ट्रपति आरिफ अल्वी और प्रधानमंत्री इमरान खान ने विस्फोट की निंदा की तथा लोगों की मौतों पर दुख प्रकट किया। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने के लिए प्रार्थना भी की।

प्रधानमंत्री खान ने एक रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने ट्विटर पर कहा, “क्वेटा में मस्जिद और नमाज अदा कर रहे लोगों को निशाना बना कर किए गए निंदनीय कायराना आतंकवादी हमले पर मैंने तत्काल रिपोर्ट मांगी है। प्रांतीय सरकार से घायलों को हर संभव चिकित्सीय सुविधा सुनिश्चित करने को कहा है। शहीद डीएसपी हाजी अमानुल्ला एक बहादुर और उत्कृष्ट अधिकारी थे।”

खान ने कहा कि घायलों का बेहतर से बेहतर इलाज किया जाएगा। गौसाबाद इलाके में मगरीब की नमाज पढ़ी जाने के दौरान मस्जिद के भीतर यह हुए विस्फोट हुआ। क्वेटा के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) अब्दुल रज़्ज़ाक चीमा ने बताया कि 16 मृतकों में पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) अमानुल्ला शामिल हैं। मीडिया में आई खबरों के मुताबिक दिवंगत पुलिस अधिकारी संभावित निशाना रहे होंगे।

‘एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ अखबार की खबर के मुताबिक पिछले महीने अज्ञात बंदूकधारियों ने डीएसपी के बेटे की क्वेटा में हत्या कर दी थी। खबर में बताया गया है कि विस्फोट में 20 लोग जख्मी हुए हैं। कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने घटना की जांच के लिए इलाके की घेराबंदी कर ली है। बम निष्क्रिय करने वाला दस्ता और सुरक्षाकर्मी, घनी आबादी वाले पश्तून बहुल इलाके में स्थित मस्जिद में तलाश कर रहे हैं।

टीवी फुटेज में दिखाया गया कि मस्जिद की फर्श पर मलबा और कांच के टुकड़े बिखरे हुए हैं। पाकिस्तानी सेना की मीडिया इकाई आईएसपीआर ने कहा कि फ्रंटियर कोर (एफसी) बलोचिस्तान के सैनिक मौके पर पहुंच गए हैं और पुलिस के साथ संयुक्त रूप से खोज अभियान चला रहे हैं।

आईएसपीआर ने सेना प्रमुख जनरल कमर बाजवा के हवाले से कहा, ‘‘पुलिस एवं नगर प्रशासन को हरसंभव मदद दी जाएगी। जिन लोगों ने मस्जिद में बेगुनाहों को निशाना बनाया, वे कभी सच्चे मुसलमान नहीं हो सकते। बलोचिस्तान के मुख्यमंत्री जाम कमाल खान ने हिंसा की निंदा की और जनहानि पर दुख जताया।

घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए बलोचिस्तान के गृह मंत्री जिया लांगो ने इसकी निंदा की और कहा “आतंकवादी पाकिस्तान के विकास से डरे हुए हैं।” उन्होंने एक बयान में कहा, “आतंरिक एवं बाहरी दुश्मन देश में अशांति फैलाने के विफल प्रयास कर रहे हैं।”

उन्होंने कहा, “हारे हुए आतंकवादियों के मंसूबे कभी सफल नहीं होने दिए जाएंगे।” घटना के हताहतों के बारे में लंगोव ने कहा कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि कुछ घायलों की स्थिति गंभीर बनी हुई है।

गौरतलब है कि करीब तीन दिन पहले क्वेटा में सुरक्षा बलों की एक गाड़ी के पास हुए विस्फोट में दो व्यक्तियों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हो गए थे।

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