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Sunday, February 23, 2020
Haryana

आर्गेनिक उत्पाद वर्तमान समय की बड़ी जरूरत, प्रमाणिकता के लिए स्थापित होगी एंजेंसी- कृषि मंत्री

January 17, 2020 10:17 AM

चंडीगढ़ - हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जय प्रकाश दलाल ने कहा कि आर्गेनिक उत्पादों की प्रमाणिकता के लिए जल्द ही एक एंजेंसी स्थापित की जाएगी। आर्गेनिक प्रमाणिकता एंजेंसी को विश्वविद्यालय और विभाग के माध्यम से संचालित किया जाएगा और प्रदेश के किसानों के आर्गेनिक उत्पादों के लिए प्रमाण पत्र दिए जांएगें। गन्नौर की मंडी में किसानों की एफपीओ के लिए अलग प्लाट अलॉट करने के लिए बिडींग करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि आने वाला बजट प्रदेश के किसान और कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए लाभकारी साबित होगा।

कृषि मंत्री आज चौधरी हिसार में चौधरी चरण सिंह कृषि विश्वविद्यालय के सभागार में बजट पूर्व संमंत्रण कार्यक्रम में उपस्थित कृषि क्षेत्र के लोगों को संबोधित कर रहे थे।

कृषि मंत्री ने कहा कि प्रदेश के बहुत से किसान आर्गेनिक व प्राकृतिक खेती की ओर बढ़े हैं लेकिन आर्गेनिक खेती से पैदा होने वाले उत्पादों को बेचने के लिए प्रमाणिकता की बहुत अधिक जरूरत है। प्रदेश के किसानों ने भी प्रमाणिकता को लेकर मांग की है। उन्होंने बताया कि आर्गेनिक एवं प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों की सुविधा के लिए प्रदेश में जल्द ही एक एंजेसी स्थापित की जाएगी, जो आर्गेनिक उत्पादों को प्रमाणिकता देगी। उन्होंने कहा कि इस कार्य में चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय भी मदद करेगा। इस कार्य के लिए मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने भी अपनी सहमति दे दी है।

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने बजट पूर्व संमंत्रण के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि सही दिशा और दशा वाला बजट प्रदेश के प्रत्येक व्यक्ति के लिए अहम साबित होगा। उन्होंने कहा कि आगामी बजट के माध्यम से प्रदेश के किसान और कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों को फायदा पहुंचाने की कोशिश की जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच के अनुरूप प्रदेश के किसानों की आय को बढ़ाने और उनके जीवनस्तर को ऊपर उठाने की कोशिश की जाएगी।

उन्होंने कहा कि फसल भंडारण के कार्य में किसान को शामिल करके उसकी आमदनी को भी बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि आगामी बजट में किसानों को आधार मानकर रोजगारपरक नीति लाई जाएगी। संसाधनों को बढ़ाकर रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाना सरकार की प्राथमिकता रहेगी। हरियाणा किसानों का प्रदेश है और किसानों से संबंधित परेशानियों को किसान ही बता सकता है। इसी सोच के साथ मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बजट पूर्व संमंत्रण कार्यक्रम के आयोजन की पहल की है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली के तीन ओर हरियाणा की सीमाएं लगती हैं। सरकार इस प्रयास में है कि दिल्ली के आस-पास हरियाणा के अलग-अलग स्थानों पर ऐसे केंद्र स्थापित किए जाएं जहां से दिल्ली एनसीआर में उत्पादों की सप्लाई हो और प्रदेश के किसान अपने उत्पादों को इन केंद्रो तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि अकेले दिल्ली में मसालों का 30-40 हजार करोड़ का व्यापार है। इसके अतिरिक्त दैनिक प्रयोग की वस्तुओं का भी व्यापार यहां बहुत बड़ा है। ऐसे में प्रदेश के किसान और कृषि जगत से जुड़े सभी संस्थानों को दिल्ली में रहने वाले लोगों की संख्या को ध्यान में रखते हुए उत्पादन को प्राथमिकता दें। उन्होंने पानी की कमी पर चिंता जताते हुए कि प्रदेश में पानी बचाने के कार्य पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। ऐसे में सभी संबंधित संस्थानों को कम पानी में खेती व अन्य कार्य करने के लिए एक साथ आकर काम करना होगा।

कृषि मंत्री ने कहा कि बजट में पशु नस्ल सुधार के कार्य के लिए राशि की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। सरकार की कोशिश है कि पशु पालन की ओर विशेष ध्यान देते हुए नस्ल सुधार किया जाए और प्रदेश में दुध उत्पादन को बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने कहा कि हाल ही में ऐसा सीमन विकसित किया गया है, जिसके प्रयोग से केवल बछड़ी ही जन्म लेती है। इस सीमन को ओर सस्ता करने की कोशिश की जाएगी। इससे नस्ल सुधार के साथ-साथ आवारा पशुओं की समस्या का भी समाधान होगा। कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार कृषि व कृषि क्षेत्र और मछली पालन आदि से जुड़े लोगों के प्रोससिंग प्लांट के बिजली के रेटों को तर्कसंगत करने पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की सोच के अनुरूप प्रदेश में बरानी जमीनों को लीज पर लेकर सोलर आधारित बिजली पैदा करने की योजना है।

बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजीव कौशल ने कहा कि आगामी बजट में मशरूम कोल्ड स्टोर जैसी अनेक प्रकार की व्यवस्थाओं को शामिल करने के प्रयास किए जांएगे।। उन्होंने बताया कि प्रदेश की गन्ना मिलों को सब्सिडी में शामिल में किया गया है ताकि किसानों को समय पर भुगतान हो सके। इसके लिए मीलों को 350 करोड़ रुपये का ऋण भी दिया गया है। अब किसानों के भुगतान का गेप केवल 10 दिन रह गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई हिस्सों में जल्द ही बासमती एक्सीलेंस सैंटर स्थापित करने की योजना है। यहीं नहीं सरकार ने प्रदेश के प्रत्येक ब्लॉक मुख्यालय पर एक बड़ी मिट्टी जांच लैब स्थापित करने का भी निर्णय लिया है।

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