Follow us on
Sunday, February 23, 2020
World

यूक्रेन विमान दुर्घटना जांच में कनाडा ने औपचारिक रूप से शामिल करने की मांग की

January 17, 2020 10:21 AM

ओटावा - कनाडा के परिवहन मंत्री ने बुधवार को कहा कि उनका देश यूक्रेन की अंतरराष्ट्रीय एयरलाइन के एक विमान के तेहरान में पिछले सप्ताह दुर्घटनाग्रस्त होने के मामले की जांच में औपचारिक रूप से शामिल होना चाहता है। गौरतलब है कि तेहरान कई दिनों तक पश्चिमी देशों के इन दावों को खारिज करता रहा कि बोइंग 737 को उसने मिसाइल से मार गिराया गया था, हालांकि पिछले शनिवार को दुर्घटनावश मार गिराने की बात उसने स्वीकार की थी।

विमान में सवार सभी 176 यात्रियों तथा चालक दल के सदस्यों की मौत हो गई थी। इनमें से 138 लोग कनाडा जा रहे थे और 57 कनाडाई थे। कनाडा के परिवहन मंत्री मार्क गार्नो ने कहा कि एक अंतरराष्ट्रीय दल के सदस्य के तौर पर दो कनाडाई जांचकर्ता ईरान में मौजूद हैं और उनके साथ सहयोग भी किया जा रहा है, लेकिन कनाडा जांच में औपचारिक रूप से शामिल होना चाहता है।

उन्होंने कहा कि विमान के ‘ब्लैक बॉक्स’ ईरान के पास हैं और अन्य दो जांचकर्ता जहां भी रिकॉर्डर की जांच की जाए, वहां कभी भी जाने को तैयार हैं। कनाडा गुरुवार को लंदन में एक बैठक भी आयोजित कर रहा है, जिसमें उन देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे जिनके नागरिक इस दुर्घटना में मारे गए हैं।

इस बैठक में यह तय किया जाएगा कि ईरान के साथ किस तरह का रुख अपनाना है। इस बीच, कनाडा में कई विश्वविद्यालयों में बुधवार को मौन रखकर पीड़ितों को याद किया गया।

Have something to say? Post your comment
 
More World News
चीन में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या 2,300 के पार, डब्ल्यूएचओ की टीम वुहान पहुंची
चीनी जेलों तक पहुंचा कोरोना वायरस
जर्मनी में संदिग्ध दक्षिणपंथी हमले में नौ लोगों की मौत
ट्रंप की प्रस्तावित भारत यात्रा ने भारतीय-अमेरिकी समुदाय में ऊर्जा भर दी है - पूर्व शीर्ष राजनयिक
कोरोना वायरस : पूरी दुनिया में 73 हजार से ज्यादा संक्रमित
पाकिस्तान ने परमाणु क्षमता संपन्न क्रूज मिसाइल राड-2 का सफल परीक्षण किया
जापान के जहाज पर कोरोना वायरस के 99 और मामलों की पुष्टि - मीडिया
जापानी क्रूज पर कोरोना वायरस की चपेट में आने वालों की संख्या बढ़कर 355 हुई
जयशंकर का अमेरिकी सीनेटर को जवाब, चिंता न करें भारत कश्मीर मुद्दा सुलझा लेगा
भारत को महत्वाकांक्षी रणनीतिक, वित्तीय सुधारों की तत्काल जरूरत - आईएमएफ