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Thursday, October 01, 2020
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सरकार का बड़ा फैसला- बदल गई आपके टैक्स सेविंग समेत इन 4 की समय सीमा

March 25, 2020 08:32 AM

नई दिल्ली - कोरोना वायरस से घरों में कैद लोगों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने टैक्स से जुड़ी ज्यादातर चीजों की समयसीमा को बढ़ा दिया है. इसमें पैन के साथ आधार लिंक करना, टैक्स बचत के लिए निवेश आदि शामिल है. पहले इन सभी कामों के लिए 31 मार्च तक की समयसीमा तय थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 30 जून, 2020 कर दिया गया है. आपको बता दें कि सरकार ने कोरोना वायरस के कारण कर्फ्यू और लॉकडाउन को देखते हुए मियाद बढ़ाने का फैसला किया है. यह समयसीमा बढ़ जाने से लोगों को थोड़ी राहत मिलेगी.

 (1) टैक्स सेविंग इनवेस्टमेंट- वित्त वर्ष 2019-20 के लिए टैक्स सेविंग इनवेस्टमेंट करने की समयसीमा 31 मार्च 2020 थी, लेकिन सरकार ने बढ़ाकर 30 जून 2020 कर दिया है.

(2) पैन और आधार लिंक- पैन और आधार को अब 30 जून, 2020 तक लिंक किया जा सकता है. इसके लिए पहले 31 मार्च 2020 की समयसीमा थी. जिन लोगों के आधार और पैन अब तक नहीं लिंक हैं, उनके लिए यह बड़ी राहत है. आपको बता दें कि अगर लिंक नहीं किया तो आपका पैन कार्ड रद्द हो सकता है. साथ ही, 10 हजार रुपये के जुर्माने का भी प्रावधान है.

 (3) बिलेटेड टैक्स रिटर्न की फाइलिंग - अगर किसी व्यक्ति ने फाइनेंशियल ईयर 2018-19 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न फाइल नहीं किया तो अब 10,000 रुपये की लेट फीस के साथ 30 जून 2020 तक फाइल कर सकते हैं. वित्त मंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी जानकारी दी है. कोरोना वायरस के असर से निपटने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ये फैसला लिया है. आपको बता दें कि मौजूदा समय में वित्त वर्ष 2019-20 के लिए इनकम टैक्स भरा जाना है. जिसकी आखिरी तारीख 31 अगस्त 2020 है.

चार्टर्ड अकाउंटेंट और टैक्स से जुड़े विभिन्न संगठन पिछले कई दिनों से केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) से इनकी समयसीमा बढ़ाने की मांग करते आए हैं क्योंकि विभिन्न राज्यों में लॉकडाउन के कारण कई तरह की समस्याएं खड़ी हुई हैं.

(4) विवाद से विश्वास स्कीम के तहत जो करदाता सरकार के साथ अपने टैक्स विवाद को निपटाना चाहते हैं, उन्हें यह काम 31 मार्च, 2020 तक कर लेना था. अब 30 जून, 2020 तक यह काम किया जा सकेगा.

विवाद से विश्वास स्कीम का ऐलान बजट 2020 में हुआ था. इसके तहत जो टैक्सपेयर्स सरकार के साथ अपने टैक्स विवाद को निपटाना चाहते हैं, उन्हें यह काम 31 मार्च, 2020 तक कर लेना है.

इसमें उन्हें चुनिंदा मामलों में केवल टैक्स की मूल रकम देनी होगी. पेनाल्टी या उस पर बना ब्याज माफ किया जाएगा. स्कीम के लिए फॉर्मों को 18 मार्च, 2020 को ही नोटिफाई किया गया था.

मियाद को बढ़ाना इसलिए जरूरी था, क्योंकि कई करदाता अपने सीए के पास यह पता लगाने के लिए नहीं जा पा रहे थे कि उन्हें स्कीम को चुनना चाहिए या नहीं.

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