Follow us on
Wednesday, September 30, 2020
Chandigarh

वीडियो कांफ्रेंसिंग से कल होगी नगर निगम सदन की बैठक

June 28, 2020 07:25 AM

चंडीगढ़ - नगर निगम की सोमवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए होने वाली बैठक में नेबरहुड पार्कों के रखरखाव की आरडब्लूए को दी गई जिम्मेदारी से संबंधित एमओयू पर विचार होगा। एमओयू के तहत शहर के नेबरहुड पार्कों और ग्रीन बेल्ट की मेंटेनेंस करने वाली आरडब्ल्यूए को ही पार्कों से मलबा और बिन में भरा कचरा उठवाना होगा। पार्कों से हॉर्टिकल्चर वेस्ट मेंटनेंस करने वाली एसोसिएशन को उठवाना होगा।

शहर में 100 बड़े पार्क और ग्रीन बेल्ट के अलावा 1800 नेबरहुड पार्क हैं। इनमें से 766 नेबरहुड पार्कों की मेंटेनेंस आरडब्ल्यूए द्वारा करवाई जा रही है। एमसी एमओयू अनुसार आरडब्ल्यूए को पार्क की मेंटेनेस करने पर 2.48 रुपए प्रति वर्ग गज के हिसाब से पे करती है। परंतु आरडब्ल्यूए द्वारा मेंटेन किए जाने वाले पार्कों में से हॉर्टिकल्चर वेस्ट एमसी का हॉर्टिकल्चर डिविजन द्वारा उठवाया जा रहा है। उसमें एमसी की मशीनरी और मैनपावर लग रही है। आरडब्ल्यूए को एमओयू बेस पर पार्क के डस्टबिन का कचरा खुद अपने मैनपावर लगाकर उठवाना चाहिए।

मशीनरी भी आरडब्ल्यूए द्वारा अपनी लगानी चाहिए। यह एजेंडा हाउस में अप्रूवल के लिए लाया जा रहा है। एमसी के हॉर्टिकल्चर विंग द्वारा किए गए आरडब्ल्यूए के एमओयू में अपनी मशीनरी  और मैन पावर हॉर्टिकल्चर वेस्ट उठाया जाना है, लेकिन आरडब्ल्यूए ऐसा नहीं करना चाह रही है। बैठक में नगर निगम की वित्तीय हालत पर भी चर्चा होगा। इसके साथ ही नगर निगम के अग्निशमन विभाग में नए वायरलैस कम्युनिकेशन सिस्टम इंस्टाल करने को लेकर भी विचार होगा।

ठेके पर दी गई नारियल का पानी और तरबूज की साइटों के कार्यकाल में एक्सटेंशन देने और शहर में अलग अलग स्थानों पर बने 55 टॉयलेट्स पर विज्ञापन लगाने संबंधी मुद्दे पर भी विचार होगा। सेक्टर-14 में नाइट फूड स्ट्रीट में बने कियास्क की लाइसेंस फीस माफ करने और सेक्टर39 में वाटर वर्क्स में स्टोर क्षमता बढ़ाने संबंधी मुद्दों पर भी बैठक में विचार किया जाएगा।

वहीं, बैठक में पीपीई किट खरीदने के मुद्दे पर खींचतान होने की उम्मीद है। नगर निगम ने पिछले माह पीपीई किट और सेनिटाइजर खरीदने का दो करोड़ 82 लाख रुपये का टेंडर लगाया था, जिसकी मंजूरी के लिए प्रस्ताव सदन की बैठक में आया था। इसमें 20 हजार पीपीई किट खरीदने पर दो करोड़ दस लाख रुपये का खर्चा किया जाना था, लेकिन इस पर सवाल उठने के बाद यह टेंडर रद कर दिया गया। नगर निगम ने पिछले सप्ताह नया टेंडर लगाया है, जिसमें अब 20 लाख रुपये के सिर्फ सेनिटाइजर ही खरीदे जा रहे हैं। 

ध्यान रहे कि पिछली बार भी नगर निगम सदन की बैठक वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई थी। पार्षदों की ओर से इस बारमेयर पर ओपन हाउस मीटिंग का दबाव बनाया गया था लेकिन मेयर और कमिश्नर इसके पक्ष में नहीं हैं। कांग्रेस और भाजपा के कई पार्षदों ने यह मांग की थी की सदन की बैठक वीडियो कांफ्रेंसिंग से न हो। कांग्रेस पार्षद शीला फूल सिंह ने तो लिखित में मेयर से मांग की थी।

Have something to say? Post your comment