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Wednesday, September 30, 2020
Feature

आयुर्वेदिक इम्युनिटी बूस्टर लेने में बरतें सावधानी

June 28, 2020 07:33 AM

आयुष मंत्रालय ने कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए दवाएं निर्धारित की हैं, उनमें जड़ी बूटियों की मात्रा, विधि, प्रयोग की मात्रा को निर्धारित किया गया है, इसके लिए हाल ही में आयुष कवच मोबाइल एप भी लांच किया गया है, जहां सब कुछ उपलब्ध है। ऐसे में खुद से या सोशल मीडिया पर दी जाने वाली सलाह पर दवा लेना या इसमें बदलाव करने से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हो सकती हैं। कई सारे लोग पहले से किसी न किसी बीमारी से जूझ रहे हैं और इम्युनिटी बढ़ाने के चक्कर में बिना चिकित्सकीय सलाह के औषधियों का सेवन कर रहे हैं।

आयुर्वेद डॉक्टर्स का कहना है कि इम्युनिटी रातों रात नहीं बढ़ती। इसके लिए औषधि के साथ-साथ भोजन और जीवनशैली में भी बदलाव जरूरी है। आयुर्वेद के सिद्धांत के अनुसार, गर्मियों में शरीर का बल, पाचन शक्ति और रोग प्रतिरोधक शक्ति प्राकृतिक रूप से कम होती है। मौसम के अनुसार, भोजन और जीवन शैली अपनाई जानी चाहिए। जिससे आप बने रह सकते हैं लंबे समय तक हेल्दी और हैप्पी। जो लाइफस्टाइल में किस तरह के बदलाव करें। एक नजर डालते हैं इस पर।

जीवनशैली में करें ये बदलाव

1. सुबह जल्दी उठना है लाभकारी

2. शौच के बाद व रात को भोजन के बाद कम से कम 600 कदम चलना।

3. दिन में बिल्कुल भी न सोना, शरीर को एक्टिव रखने का करें उपाय।

4. रात का भोजन 6 से 8 बजे के बीच करने से काफी फायदा मिलेगा।

5. रात 10 बजे तक सो जाना चाहिए, जिससे सुबह जल्दी उठा जा सके।

6. बाहर से घर आने पर पानी पीना और कपड़े बदलना जरूरी है।

इम्युनिटी बूस्टर काढ़ा

कालीमिर्च, पीपल, तुलसी के ताजे पत्ते, सौँठ को 5-5 ग्राम मात्रा में मोटा या बारीक पीस लें। इस पाउडर को 200 ग्राम पानी में आधा रहने तक पकाएं। छानते समय मिक्सचर को दबाएं, जिससे सभी औषधीय गुण आ जाएं। 25 ml प्रति व्यक्ति सुबह खाली पेट लें।

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