Kurukshetra Sikh Protest Bandi Sikhs: कुरुक्षेत्र में बंदी सिखों की रिहाई की मांग तेज, बंदी सिखों की रिहाई को लेकर सौंपा जाएगा ज्ञापन
कुरुक्षेत्र में बंदी सिखों की रिहाई की मांग तेज
Kurukshetra Sikh Protest Bandi Sikhs: धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में अपनी सजा पूरी कर चुके बंदी सिखों की जेलों से रिहाई की मांग को लेकर सिख समाज का संघर्ष और तेज हो गया है। हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (HSGMC) के आह्वान पर आज (वीरवार) कुरुक्षेत्र की सिख संगत एक जुट होकर उपायुक्त (DC) कार्यालय के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने जा रही है। प्रदर्शन के पश्चात सिख प्रतिनिधियों की ओर से जिला प्रशासन के जरिए सरकार को ज्ञापन भी सौंपा जाएगा।
गुरुद्वारा पातशाही छठी से रवाना होगी संगत
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, प्रदर्शन से पहले प्रदेश भर से जुटने वाली सिख संगत कुरुक्षेत्र स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब पातशाही छठी में एकत्र होगी। यहां से सुबह करीब 10 बजे HSGMC के प्रधान जत्थेदार जगदीश सिंह झींडा और कमेटी के वरिष्ठ सदस्यों के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल और संगत जुलूस के रूप में प्रदर्शन स्थल यानी DC ऑफिस के लिए कूच करेगी। कुरुक्षेत्र में पिछले एक महीने से इस मांग को लेकर अलग-अलग स्तर पर विरोध जताया जा रहा है, लेकिन अब आंदोलन को व्यापक रूप दिया जा रहा है।
‘सजा पूरी होने के बावजूद रिहाई न होना अन्याय’
HSGMC के प्रधान जत्थेदार जगदीश सिंह झींडा ने प्रदर्शन की तैयारियों को लेकर कहा कि देश की विभिन्न जेलों में बंद कई सिख कैदी कानूनन अपनी निर्धारित सजा पूरी कर चुके हैं। इसके बावजूद उन्हें रिहा न करके उनके मौलिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है। झींडा ने कहा कि देश की आजादी की लड़ाई में सिख कौम ने सबसे ज्यादा कुर्बानियां दी हैं, लेकिन आज सजा पूरी होने के बाद भी इंसाफ के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। उन्होंने पूरी कौम को एकजुट होकर लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज़ बुलंद करने की अपील की।
2 अक्टूबर से फतेहगढ़ साहिब से दमदमा साहिब तक रोष मार्च
कुरुक्षेत्र का यह प्रदर्शन इस आंदोलन का अंतिम पड़ाव नहीं है। जत्थेदार झींडा ने बताया कि 2 अक्टूबर को ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब से एक विशाल रोष मार्च निकाला जाएगा। यह मार्च पंजाब के विभिन्न इलाकों से गुजरते हुए रात को गुरुद्वारा श्री मस्तुआना साहिब पहुंचेगा, जहां संगत के रात्रि ठहराव और लंगर का प्रबंध किया गया है। अगले दिन यह रोष मार्च अपने अंतिम पड़ाव तख्त श्री दमदमा साहिब पहुंचेगा, जहां अरदास के साथ इसका समापन किया जाएगा।
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