Follow us on
Wednesday, October 21, 2020
Editorial
बॉलीवुड के दो हरदिल अजीज सितारे अलविदा

साल 2020 यूं तो पूरी दुनिया के लिए दुखदायी है लेकिन बॉलीवुड के लिए ये साल किसी बुरे सपने से कम नहीं है। कोरोना संक्रमण से जहाँ देश और दुनिया पर विपदा के संकट छा  रहे थे ऐसे में बालीबुड के दो लोकप्रिय सितारों के निधन से पूरा देश स्तब्ध है। हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के लिए इससे बड़ा सदमा दूसरा नहीं हो सकता कि 24 घंटों के अंदर दो सिनेमाई जीनियस इस दुनिया को छोड़कर चले गये हों। एक के बाद एक इन दो बड़े हादसों ने उनके परिवारवालों और फैन्स का दिल बुरी तरह से तोड़ दिया है। कोरोना संकट के बीच बॉलीवुड जगत ने महज दो दिन के भीतर अपने दो बड़े सितारों को खो दिया है।

बैसाखी पर करें दुनिया को कोरोना से मुक्ति दिलाने की अरदास

भारत एक कृषि प्रधान देश है और हमारे यहां बैसाखी पर्व का संबंध फसलों के पकने के बाद उसकी कटाई से जोड़कर देखा जाता रहा है। इस पर्व को फसलों के पकने के प्रतीक के रूप में भी जाना जाता है। यह त्यौहार विशेष तौर पर पंजाब का प्रमुख त्यौहार माना जाता रहा है लेकिन यह त्यौहार सिर्फ पंजाब में नहीं बल्कि देशभर में लगभग सभी स्थानों पर खासतौर से पंजाबी समुदाय द्वारा प्रतिवर्ष बड़ी धूमधाम

कौन सज़ा देगा इन झूठों व अफ़वाह बाज़ों को ?

वैसे तो समूची पृथ्वी गत तीन दशकों से आहिस्ता आहिस्ता मानव निर्मित अनेक संकटों के चलते बारूद के ढेर में परिवर्तित होती जा रही थी। वैश्विक जलवायु परिवर्तन,दुनिया के कई देशों में कुपोषण व भूखमरी के हालात,कई देशों में चल रही गृह युद्ध की स्थिति,विश्व के सामने बढ़ता जा रहा पेय जल संकट,विकास के नाम पर गर्म होता जा रहा 

एनआरसी के मुद्दे पर देश में बढ़ती उलझन

देशभर में इन दिनों राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) को लेकर बड़ी बहस छिड़ी है। मामला देश में कई दशकों से पीढ़ी-दर-पीढ़ी रह रहे ऐसे लाखों लोगों का है, जिनकी नागरिकता अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। यहां इस मुद्दे पर आगे बढऩे से पहले यह जान लेना भी जरूरी है कि राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर आखिरकार है क्या? एनआरसी, दरअसल किसी राज्य या देश में रह रहे नागरिकों की विस्तृत रिपोर्ट होती है।

सीबीएसई : 10वीं और 12वीं में फेल हुए छात्र रेग्युलर स्टूडेंट के तौर पर दे सकेंगे एग्जाम

नई दिल्ली - पिछले साल सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंड्री एजुकेशन (सीबीएसई बोर्ड) एग्जाम में फेल हुए छात्रों को बोर्ड ने राहत दी है। सीबीएसई का कहना है कि अगर कोई छात्र 10वीं और 12वीं में फेल हो गया है, तो वह रेग्युलर छात्र के तौर पर फिर से परीक्षा दे सकता है.